चूत पर मेरा अधिकार

antarvasna, hindi sex story मैं एक बड़ा ही आलसी व्यक्ति हूं मुझे कोई भी काम करना बिल्कुल पसंद नहीं है इसी वजह से मेरी तबीयत खराब हो गई और मुझे डॉक्टर ने कहा कि आप सुबह शाम टहलने के लिए जाइये तभी आप ठीक हो पाएंगे, मेरी दवाइयां भी चल रही थी और अब मैं सुबह के वक्त टहलने जाने लगा, जब मैं सुबह टहलने जाता था तो उस वक्त मुझे एक लड़की हमेशा दिखाई देती थी मैं अपने घर के पास ही पार्क में जाया करता था वह भी हर सुबह वहां आया करती थी। मैं अकेला ही जाया करता था और मैं जब टहलने जाया करता था तो उस लड़की की नजरें सिर्फ मुझे ही देख रही होती थी मुझे ऐसा लगता कि जैसे वह मुझसे बात करना चाहती है लेकिन मैंने भी उससे कभी बात नहीं की, कुछ दिनों बाद मेरी तबीयत दोबारा से खराब हो गई और मैं कुछ दिनों तक सुबह जोगिंग पर नहीं गया मैं घर पर ही आराम कर रहा था मेरा काम मेरा भाई ही संभालता था, वह मुझसे छोटा है लेकिन उसकी शादी हो चुकी है, मैंने अभी तक शादी नहीं की है क्योंकि पहले मैं एक लड़की से प्रेम करता था परंतु उसकी शादी कहीं और हो गई उसके बाद से मैंने कभी किसी लड़की के बारे में नहीं सोचा और कुछ दिनों तक मैं घर पर ही था।

जब मैं थोड़े दिनों बाद ठीक हो गया तो मैं दोबारा से मॉर्निंग वॉक पर जाने लगा, जब मैं मॉर्निंग वॉक पर गया तो मुझे वह लड़की दिखाएं नहीं दी, काफी दिनों तक मुझे वह नहीं दिखी लेकिन जब कुछ दिनों बाद मुझे वह मुझे दिखी तो वह मेरे पास आई और मुझसे बात करने लगी, मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि वह मुझसे आकर खुद ही बात करेगी उसने मुझे अपना नाम बताया उसका नाम रंजीता है। वह मुझे कहने लगी आजकल आप सुबह मॉर्निंग वॉक पर नहीं आते, मैंने उसे कहा कि मेरी तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए मैं आ नहीं पाया, अब मैंने भी उससे पूछ लिया कि आप भी कुछ दिनों से नहीं आ रही थी, वह मुझे कहने लगी कि मैं तो कहीं बाहर गई हुई थी इसलिए आ नहीं पाई लेकिन काफी दिनों से मैंने भी आपको नहीं देखा था क्योंकि आप हमेशा ही सुबह मॉर्निंग वॉक पर आते हैं और मैं हमेशा ही आपको देखा करती थी। अब मुझे भी उससे बात किए बिना रहा नहीं जा रहा था मैं भी उससे खूब मजाक मस्ती करने लगा और हमारी पहली मुलाकात ही यादगार बन कर रह गई, मेरी अब रंजीता से बात होने लगी थी हम दोनों सुबह साथ में ही मॉर्निंग वॉक पर जाया करते। एक दिन उसने मुझसे पूछा क्या आपकी शादी हो चुकी है? मैंने उससे कहा नहीं मेरी शादी नहीं हुई है।

वह कहने लगी मुझे तो लगा था कि आपकी शादी हो चुकी है, मैंने उसे कहा नहीं मैं किसी कारणवश शादी नहीं कर पाया, वह कहने लगी ऐसा कौन सा कारण हो गया जो आपने अभी तक शादी नहीं की, मैंने उसे बताया कि मेरी एक गर्लफ्रेंड थी उसने किसी और से शादी कर ली इसलिए मैंने उसके बाद शादी के बारे में सोचना ही छोड़ दिया। जब उसे यह बात पता चली तो वह मुझे कहने लगी आपका जीवन भी बिल्कुल मेरी तरह ही है मैं भी जिस लड़के से प्यार करती थी उसने मुझे धोखा दिया और उसने भी किसी दूसरी लड़की के साथ शादी कर ली। मुझे उस दिन रंजीता के साथ बात कर के अच्छा लग रहा था और उससे एक जुड़ाव सा महसूस होने लगा, वह मुझे कहने लगी आपकी गर्लफ्रेंड का क्या नाम था? मैंने उसे बताया कि मेरी गर्लफ्रेंड का नाम संगीता था। जब मैंने उसे उसका नाम बताया तो वह बिल्कुल चौक गई और मेरे मुंह पर देखने लगी उसने तुरंत अपनी जेब से फोन निकाला और मुझे कहने लगी क्या यही आपकी गर्लफ्रेंड है? मैंने उससे कहा हां यही मेरी गर्लफ्रेंड है लेकिन तुम इसे कहां से जानती हो? वह कहने लगी कि इसी से तो मेरे बॉयफ्रेंड की शादी हुई है, यह बात सुनते ही मैं भी एकदम से चौक गया और मुझे बहुत ही बुरा लगा, रंजीता मुझसे कहने लगी क्या वाकई में यही तुम्हारी गर्लफ्रेंड है, मैंने उससे कहा हां यही मेरी गर्लफ्रेंड है और इसके साथ मेरा 5 साल से रिलेशन चल रहा था लेकिन उसने मुझे धोखा दिया, वह कहने लगी मेरे बॉयफ्रेंड ने भी मुझे धोखा दिया है और मुझे बहुत ही बुरा लगा लेकिन मैंने अपने आप को अब इन सब चीजों से दूर कर लिया है। रंजीता और मैं पार्क की सीट में जाकर बैठ गये और एक दूसरे से बातें करने लगे, वह मुझे अपने बॉयफ्रेंड के बारे में बता रही थी और मैं भी अपनी कुछ पुरानी यादें ताजा करने लगा, मैंने भी उसे संगीता के बारे में काफी कुछ बताया।

मेरी तो समझ नहीं आ रहा था कि यह एक इत्तेफाक है या फिर मेरे जीवन में यह घटना जानबूझकर हो रही है। रंजीता ने भी मुझे कहा मुझे तो कुछ समझ नहीं आ रहा मैंने भी रंजीता की जांघों पर हाथ रख दिया लेकिन उस वक्त मेरे दिमाग में सिर्फ संगीता का ख्याल आ रहा था परंतु जब उसकी नरम जाघ पर मैं हाथ फेरने लगा तो मेरा लंड एकदम तन का खड़ा हो चुका था जैसे मैं अब रंजीता को चोदना चाहता था। मैंने रंजीता के पैरों पर अपने हाथ को फेरना शुरू कर दिया था उसके अंदर भी अब सेक्सी भावना जागने लगी थी उसकी सुंदरता का तो मैं पहले से ही दीवाना था मैंने भी रंजीता से कहा हम दोनों को पुरानी बातें भूलनी पड़ेगी। यह कहते हुए मैंने रंजीता को अपनी बाहों में ले लिया जब उसके बड़े बड़े स्तन मेरे हाथों में थे तो मेरे अंदर उसे लेकर सेक्स करने की इच्छा और ज्यादा बढने लगी उसने भी मेरे लंड पर हाथ रख दिया था। जब उसने मेरे लंड को दबाना शुरू किया तो मैंने भी उसके स्तनों को दबाना शुरू कर दिया हम दोनों पार्क के कोने में जाकर एक दूसरे के साथ मजे लेने लगे। उसके स्तनों को मै लगातार दबा रहा था और उसके नरम होंठों को भी चूस रहा था जिससे कि उसके अंदर की गर्मी बढ़ने लगी थी। मेरे अंदर उत्तेजना अधिक होने लगी थी मैंने जब उसके कपड़े उतारे तो उसका नंगा बदन देख कर मेरा लंड एकदम तन कर खड़ा हो गया।

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