ऑफिस वाले ब्वॉयफ्रेंड के साथ होटल में सेक्स

हैलो फ्रेंड्स, मेरा नाम रेखा है. अन्तर्वासना पर मेरी कई कहानियाँ आ चुकी हैं.
मेरी पिछली कहानी थी
चचेरे भाई ने मेरी चूत चोद दी
अब मैं अपनी लेटेस्ट सेक्स स्टोरी पेश कर रही हूं, मजा लें.

मैं ऑफिस में सबसे अच्छे से बात करती हूँ और मैं बहुत खूबसूरत हूँ, तो ऑफिस के लोग भी मुझे बहुत प्यार करते हैं. मुझे ऑफिस में सबसे सामने वाली जगह पर सीट मिली हुई है. इधर मेरा काम उन लोगों से बात करना है, जो लोग ऑफिस में काम करने या किसी अन्य काम के लिए आते हैं. जो लोग जॉब के लिए आते हैं. मैं उनका इंटरव्यू भी लेती हूँ.

मेरे साथ एक लड़का भी रहता है, जो मेरे से उम्र में बड़ा है लेकिन हम दोनों साथ में ही नए एप्लिकेंट का इंटरव्यू लेते हैं. हम दोनों का काम किसी नए व्यक्ति या युवती को जॉब देना है. साथ ही जो लोग एकदम फ्रेश होते हैं, उन लोगों को हम दोनों मिलकर काम भी सिखाते हैं.

मैं ऑफिस में जीन्स और टॉप पहन कर जाती हूँ और अधिकतर मॉडर्न कपड़े ही पहनती हूँ. मुझे ये पहनावा इसलिए भी पसंद है … क्योंकि एक तो ये चलन में हैं और दूसरे मुझे लगता है कि इस तरह के कपड़े पहनने से मैं आकर्षक दिखती हूँ. जब लोग मुझे देखते हैं, तो मुझे बड़ा अच्छा लगता है.

मैं ऑफिस में बहुत सारे लड़कों से बात करती हूँ. मुझे ऑफिस की मीटिंग के लिए भी जाना पड़ता है. मेरे ग्रुप में भी वही लड़का है, जो मेरे साथ हमेशा ऑफिस का काम करता है.

चूंकि वो मेरे साथ ही बैठता है, इसलिए मुझे बहुत ज्यादा घूरता है. शुरूआत में तो मुझे उसका यूं घूरना कुछ चुभता सा था … पर अब मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता है. हम दोनों एक दूसरे से रोज काफी बातचीत करते हैं, कई अलग अलग मुद्दों पर हम दोनों की चर्चा होती रहती है, तो हम दोनों एक दूसरे से काफी घुल-मिल गए हैं. इसी के चलते हम दोनों को जब भी ऑफिस के काम से जब भी खाली समय मिलता है, तो हम ऑफिस की कैंटीन में कॉफ़ी पीने के लिए चले जाते हैं और एक दूसरे से खुल कर हंसी मजाक और बातचीत करते रहते हैं.

जब ऑफिस से काम करने के बाद शाम को हम घर जाते हैं, तो साथ ही निकलते हैं. अक्सर हम दोनों किसी पार्क में जाकर बैठ जाते हैं और काफी देर तक बात करते रहते हैं. मुझे उससे कुछ कुछ अच्छा सा लगने लगा था. वो मुझसे पार्क में बात करते करते मुझे छूने की कोशिश भी करता था, जिसे मैं खुद जानबूझ कर नजरअंदाज कर देती थी … या यूं कहो कि मुझे खुद भी उसका छूना अच्छा लगने लगा था.

इसी तरह हम दोनों एक दूसरे से घुलते मिलते गए … और एक दूसरे को समझने लगे. पार्क में बैठ कर देर तक एक दूसरे को समझना, चाट पकौड़ी खाना या भेल पूरी खाते हुए मस्ती करना, ये सब हम दोनों की आदतों में शुमार हो गया था. मुझे उसका साथ काफी मस्त करने लगा था.

एक बार वो मेरे घर में आया था. उस दिन मेरे घर में एक छोटी सी पार्टी थी, तो मैंने अपनी ऑफिस की सहेलियों को बुलाया था. इसी बहाने से मैंने उस लड़के को भी अपने घर बुला लिया था. जब मेरे घर आने वालों ने उसके बारे में मुझसे पूछा, तो मैंने बता दिया कि वो मेरे साथ ऑफिस में काम करता है.

उस दिन की पार्टी के बाद हम दोनों एक दूसरे से और ज्यादा करीब आ गए थे. वो मेरे घर से पार्टी करने के बाद अपने घर जाने लगा, तो उसने मुझे बड़ी मुहब्बत से देखा. मैंने भी उसकी आंखों में आंखें डाल कर उसी नजरों को अपनी चाहत से रूबरू करा दिया. फिर वो चला गया.

अब जब भी मैं अपने घर पर पार्टी रखती थी, तो मैं उसको अपने घर जरूर बुलाती थी. मेरे घर वाले भी जानने लगे थे कि ये मेरे ऑफिस में काम करता है और इसी लिए मैं उसको बुलाती हूँ.

मैं भी ऑफिस के दूसरे लोगों के घर पार्टी करने जाती थी. उन पार्टियों में मैं और वो लड़का साथ ही जाते थे. इससे हम दोनों एक दूसरे के एकदम करीब आ गए थे.

एक दिन उसने मेरे घर पर ही मुझे प्रपोज कर दिया. मैंने उस वक्त तो उससे कुछ नहीं कहा. उसके जोर देने पर मैंने उससे कुछ समय मांगा, वो मान गया.

उसके एक सप्ताह के बाद मैंने उसको हाँ बोल दी और हम दोनों लोग एक दूसरे से प्यार करने लगे. प्यार का इजहार होते ही हम दोनों एक दूसरे की बांहों में खोने लगे. एक दूसरे को किस आदि भी करने लगे.

अब तो कुछ ऐसा हो गया था कि वो मुझे अक्सर मेरे घर छोड़ने आने लगा था. मैं भी एक दो उसके घर गई थी.

इससे हमारे घर वाले भी हम दोनों के बारे में जानने लगे थे कि हम दोनों एक साथ काम करते हैं … इसलिए मिलना जुलना स्वाभाविक है. हालांकि हमारे घर वालों को अभी तक हमारे प्रेम के बारे में कुछ भी नहीं मालूम हुआ था.

मुहब्बत के बाद जब भी मेरे घर पार्टी होती थी, तो मैं उसको आने घर बुलाती थी और जब उसके घर पार्टी होती थी, तो वो मुझे बुलाता था. हम दोनों एक दूसरे के घर कुछ ज्यादा ही आने जाने लगे.

हम दोनों की बढ़ती नजदीकियों को ऑफिस में भी कुछ लोग जान गए थे कि हम दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगे हैं.

अब हम दोनों ऑफिस में एक ब्वॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के जैसे थे. मेरी ऑफिस की सहेलियां भी जानती थी कि वो मेरा ब्वॉयफ्रेंड है.

तब भी ऑफिस में इस बात की पाबंदी थी कि प्यार मुहब्बत की बातें करने के लिए आप ऑफिस के समय का इस्तेमाल नहीं कर सकते थे. इसलिए हम दोनों लोग छुप कर एक दूसरे से ऑफिस में बात करते रहते थे. क्योंकि अगर हमारे सीनियर हम दोनों लोग बात करते देख लेते, तो हम दोनों को एक दूसरे से अलग कर देते थे.

एक दिन हम दोनों रात में बात करते करते बार में चले गए और हम दोनों ने वहां पर बियर पी और उसके बाद मैं उसकी बाइक पर घूमने निकल गई.

उस दिन बहुत रात हो गयी थी, तो मैंने अपने घर कॉल करके बता दिया कि मैं अपनी सहेली के घर रुकी हूँ.
मेरे घर वालों ने मुझे कुछ नहीं कहा.

मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ रात में मूवी देखने चली गयी. सिनेमा हॉल में हमकों कोने वाली सीट भी मिल गयी और हम दोनों मूवी देखने लगे.

जब मुहब्बत की आग जल रही हो और आग और बारूद दोनों साथ साथ ही बैठे हों, तो मूवी देखने में किसका मन लगेगा.

बस हम दोनों मूवी देखते देखते एक दूसरे को किस करने लगे और उसके बाद गर्म होने लगे. हम दोनों को ये नहीं पता था कि आज की रात हम दोनों कहां रहेंगे.

जब मैंने उससे कहा, तो उसने मोबाइल से एक होटल में रूम बुक कर लिया. जब रूम बुक हो गया तो इस आग को खुल कर भड़कने की जगह मिल गई थी.

अब हम दोनों मूवी हॉल से उठ कर बाहर आ गए. सिनेमा हाल के सामने ही एक रेस्तरां था. हम दोनों ने उस रेस्तरां में खाना खाया और अपनी मंजिल की तरफ निकल पड़े.

उसने होटल की तरफ बाइक घुमा दी और कुछ ही देर में हम दोनों होटल के रिसेप्शन पर थे. उसने अपनी बुकिंग की बात की और कमरे की चाभी ले ली. अगले दो मिनट बाद ही हम दोनों कमरे में आ गए थे.

मुझे बियर की हल्की सी खुमारी थी, जिससे मेरी आंखें बोझिल सी होने लगी थीं. लेकिन मिलन की प्यास ने मेरी नींद भगा दी थी. मेरा ब्वॉयफ्रेंड मुझे किस करने लगा. मैं हल्के नशे की खुमारी में थी. मैं भी उसको किस करने लगी. हम दोनों बिस्तर पर आ गए और एक दूसरे को किस करने लगे.

मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के ऊपर लेट गई थी और वो मुझे किस कर रहा था. मेरे टॉप के ऊपर से ही वो मेरी चूचियों को दबा रहा था. उसने मुझे किस करते करते मेरे टॉप को निकाल दिया … अब मैं ब्रा में हो गयी थी. अगले ही पल उसने मेरी ब्रा को भी निकाल दिया और मेरी चूची को चूसने लगा.

उसके मुँह से अपनी चूची चुसवाने का मेरा लिए ये पहला अवसर था. मैं मस्त होने लगी और उसके सर को अपनी चूचियों में दबाने लगी.

मेरी एक चूची को चूसने के बाद वो मेरे निप्पल को बाईट करने लगा. मैं कामवासना से भरी हुई सिसकारियां लेने लगी.

मैं ऊपर से नंगी हो गयी थी. नीचे अभी मैं जीन्स पहने हुई थी. मेरा ब्वॉयफ्रेंड मेरी नाभि को किस करने लगा और मुझे गुदगुदी करने लगा.

मुझसे चुदास सही नहीं जा रही थी. मैनें उसके सर को अपनी टांगों के बीच में दबा दिया. वो समझ गया और उसके बाद उसने मेरी जीन्स को निकाल दिया. मैं पेंटी में रह गयी. उसने अगले ही पल मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चूत पर अपने होंठ रख दिए. वो मेरी चूत को अपनी ठोड़ी से सहलाने लगा.

मुझे लगातार चुदास बढ़ रही थी. उसके बाद उसने मेरी पेंटी निकाल दी और मैं उसके सामने नंगी हो गयी.

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