फोर साल बड़ी बेहन को चोदा

हेलो ऑल रीडर्स.दिस ईज़ माय फर्स्ट स्टोरी सो अगर कोई ग़लती हो जाए तो मुझे माफ़ करना. मैं इस साइट का काफ़ी टाइम से रीडर हूँ, तो सोचा क्यू ना मैं एक इन्सिडेंट शेर करू. यह मेरी लाइफ का सच्चा इन्सिडेंट है. जो की मेरे और मेरी बेहन ज्योति के बीच हुआ.

थोड़ा अपने बारे में बता दू. मैं चंडीगढ़ सॉफ्टवेर कंपनी में काम करता हूँ बेसिकली पंजाब से हुन.एज 29ईयर्स,हाइट 5’10” एवरेज बॉडी,पेनिस कभी मेजर नही किया.आगे कोई गर्ल, भाबी,आंटी चंडीगढ़ के आस पास या पंजाब से सेक्स करना चाहती हो तो कॉंटॅक्ट ईमेल अड्रेस.

अब थोड़ा अपनी बेहन ज्योति के बारे में बता दू. ज्योति का घर मेरे घर के पास है. हमारे उसके साथ काफ़ी आछे रिलेशन्स हैं. सो मैं उसे बेहन मानता हूँ. और वो भी मुझे अपना भाई मानती है वो मेरे से 4 ईयर्स बढ़ी है. उसकी हाइट 5′.4″ के करीब है. रंग गोरा,दिखने में जबरदस्त माल है. अगर कोई उसे देख ले तो किसी का लॅंड 5सेकेंड में खड़ा हो जाए. फिगर उसका 34-28-36 का है. यह मुझे उसी दिन पता चला था.

अब मैं सीधा स्टोरी पे आता हूँ. मैं 11थ पढ़ता था और वो भी कॉलेज जाती थी हम दोनो घर इकहट्टे निकलते कॉलेज के लिए. तो मैं उस टाइम से ही उसको लाइक करता था बट कभी उसको एहसास नही होने दिया था इस बात का. छोटे भाई की तरह बात करता था उसके साथ. वैसे उस टाइम किसी और लड़की के चक्कर में था मैं. बट वो मेरे काफ़ी फ्रॅंक थी हर बात कर लेती थी मेरे से. मैं भी कर लेता था थोड़ा शर्माता ज़रूर था.ऐसे ही टाइम निकले जा रहा.उसका कॉलेज ख़त्म हो गया वो घर पर रहने लगी. मेरे भी लास्ट ईयर था कॉलेज का. तभी उसके घर वालो ने उसकी मॅरेज फिक्स करदी. उसकी मॅरेज हो गयी. मैं उसकी मॅरेज पे नही गया मेरा दिल टूट चुका था. अगली रात जिस दिन उसकी सुहाग रात थी मुझे बोहोत फील हुआ की आज ज्योति की सील टूट जाएगी. वो सील्ड हैं यह मुझे पक्का पक्का था. उस रात मैने 2 बार मूठ मारी.ऐसे ही टाइम निकलते गया. मेरी जॉब चंडीगढ़ लग गयी. मैं चंडीगढ़ आ गया. फिर जब घर जाता कभी कभी उसको मिलता जब वो अपने मम्मी पापा के घर आई होती. शादी के बाद वो और भी सेक्सी हो गयी थी.

फिर मैने उसे चोदने का ख़याल छोड़ दिया था. अचानक एक बार मैं घर गया हुआ था तो वो भी आई हुई थी.ऐसे बातो बातो में मुझे पता चला की उसके हज़्बेंड को डाइयबिटीस है. उस टाइम मुझे अफ़सूस हुआ की अभी 1ईयर ही हुआ है उसकी मॅरेज.और प्राब्लम हो गई है. फिर मैं वापिस चंडीगढ़ आ गया जॉब. फिर मैं कभी कभी उसको कॉल करने लगा हाल चाल पूछने के लिए. उसका हज़्बेंड एक प्राइवेट कॉलेज में जॉब करता था. यह उसको 5000-6000 सॅलरी मिलती थी

यह बात उसने मुझे बताई की मुश्किल से गुज़ारा चलता है घर का. वो दोनो हज़्बेंड वाइफ अलग घर में रहती थे. और कोई नि था उनके साथ.मैं कभी उसको उसके घर भी मिलने चला जाता जब मैं अपने घर जाता था. हज़्बेंड कॉलेज होता था उस टाइम.

एक बार मैं उसके घर गया. मुझे बोलती की अब मॅरेज करवा ले तू भी . मैने कहा यार कोई लड़की नि देता मुझे. ऐसे ही हसने लगे थे हम दोनो एक दूसरे को.मैने कहा तू ही देख कोई लड़की मैं कंट्रोल करना भी मुस्किल हो गया है. बोहुत टाइम से कुछ नि किया अब तो रात निकलना मुस्किल हो गया है अकेले. मैं उससे डबल मीनिंग में बात कर रहा था.

मैं: देख दे कोई तेरे आस पास अगर है कोई ज़रूरी नही है की मॅरेज के लिए वैसे भी देख दे कोई.

ज्योति: हसाके बोली अछा जी.

मैं: हान यार देख ना कोई. आज के जमाने में बहोत होती हैं अनसॅटिस्फाइड जा फिर कोई और जिस को जहा पैसे की ज़रूरत हो मैं पैसे भी दे दूँगा.

Pages: 1 2