मुँहबोली बहन की दिलकश चुत चुदाई

मेरे दोस्त की गर्लफ्रेंड मुझे अपने भाई जैसा मानती थी. लेकिन उसे देख मेरा लंड खड़ा होने लगता था. मैं अपनी मुँहबोली बहन की चुत चुदाई करना चाहता था. मैंने कैसे की?

नमस्कार दोस्तो, ये मेरी पहली और सच्ची सेक्स कहानी है, जो मैं अन्तर्वासना के माध्यम से आप लोगों से साझा कर रहा हूँ. अगर मुझसे जो गलती हो तो प्लीज़ माफ कर दीजिएगा.

सबसे पहले मैं अपनी मुँहबोली बहन के बारे में बता देता हूँ. उसका नाम सौम्या है . उसका रंग एकदम गोरा है. उसका जीरो फिगर यही कोई 30.26.32 का था . लम्बाई भी यही कोई पांच फुट दो इंच की होगी. उसके चूचे बड़े ही आकर्षक हैं और उसकी गांड की तो क्या बताऊं दोस्तो . जब भी मैं बहन की गांड को देखता था, तो मन करता था कि बस अभी उस पर चढ़ जाऊं और चोद दूँ. मैं अपने बारे में भी थोड़ा सा बता दूं . मेरा नाम राजू मिश्रा है. मेरे लंड का साइज़ 7 इंच है.

सौम्या मेरे करीबी दोस्त की गर्लफ्रेंड थी, तो वो मुझे भाई मानती थी . लेकिन मैंने जब उसे पहली बार देखा था, तो मेरा लंड उसको सलामी देने लगा था. मेरा दोस्त उससे कम ही बात करता था और मैं ज्यादा . क्योंकि मैं उसे पसंद करने लगा था. पर वो मुझे सिर्फ भाई ही मानती थी. कभी कभी मैं उससे बोल भी देता था कि काश तुम मेरी गर्लफ्रेंड होतीं . तो वो मजाक में मेरी बात हवा में उड़ा देती.

एक बार हम दोनों मार्केट गए, उसे शॉपिंग करनी थी. मैंने उसे अपने साथ बाइक पर बैठाया और हम मार्केट निकल गए. मैंने रास्ते में सोचा कि आज सौम्या से कुछ मज़ा लिया जाए. मैं जानबूझ कर डिस्क ब्रेक लगा देता और वो मुझसे चिपक जाती. जब उसका सीना मेरी पीठ पर लगता, तो उसके गठीले दूध मेरे लंड को बेचैन कर देते थे. मैंने रास्ते में कई बार ऐसा किया.

फिर हम मार्केट पहुंच गए. उसने ढेर सारी शॉपिंग की. कपड़े और सैंडल लिए. अब उसे ब्रा और पेंटी लेनी थी . तो उसने एक कॉस्मेटिक की शॉप के बाहर मुझे रुकने को कहा. मैं समझ गया कि इसे क्या लेना है.

मैंने उससे बोला- मैं भी साथ में चलता हूँ.
वो बोली- यहां पर लड़के नहीं आते हैं.
मैंने ज्यादा जिद की तो उसने कहा- ठीक है . आप काउंटर पर बैठना, मैं बस दस मिनट में आती हूँ.

मैंने हां कर दी, तो वो अन्दर जाकर ब्रा और पेंटी देखने लगी. अब मुझे भी ये देखना था वो किस स्टाइल वाली ब्रा पैन्टी खरीदती है.

मैंने अन्दर झांक कर देखा, तो पर्पल कलर की ब्रा उसके हाथ में थी. कुछ पल मैं यूं ही उसे देखता रहा. उसने अगले ही मिनट में खरीदारी पूरी की और बाहर आने लगी. मैं उसे आता देख कर वापस वहीं बैठ गया.

वो सामने काऊंटर पर गयी और उसने सामान पैक करवाके पैकेट अपने बैग में डाल लिया.

फिर मेरे करीब आते ही बोली- काफी देर हो गई है . अन्धेरा होने वाला है और बहुत तेज भूख भी लगी है, चलो कुछ खाते हैं.

मैंने हामी भर दी और हम लोग पास के एक रेस्टोरेंट में चले गए. वहां हमने खाना खाया और वेटर को बिल के पैसे देकर साथ में टिप भी दी.

वेटर ने अपनी झौंक में बोल दिया- थैंक्स सर यू आर ए नाइस कपल.

उसकी बात सुनकर हम लोग मुस्कुराने लगे. कुछ देर बाद हम दोनों घर के लिए निकले.

रास्ते में मैंने सौम्या से कहा- वो वेटर हमें कपल समझ रहा था.
उसने कहा- हां कोई भी होगा, वो हमको इतने क्लोज़ देख कर कहेगा ही. मगर उसे सच कहां मालूम होता है कि हम दोनों एक नहीं हैं.
मैंने झट से बोला- तो फिर बना लो ना एक.

उसने मेरे कन्धे पर प्यार से हाथ मार दिया. मैंने भी झटके से ब्रेक लगा दिए. इससे फिर से वो उसके चूचे मेरी पीठ में लग गए. मेरा लंड सांप के जैसे सलामी देने लगा.

वो बोली- भाई, आप जानबूझ कर तो ब्रेक नहीं लगा रहे हो?
मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं है . तुम ठीक से खुद को पकड़ कर बैठो ना.
वो हंसने लगी.

हम दोनों इसी तरह की मस्ती करते हुए घर आ गए. मैंने उसे उसके घर पर ड्रॉप किया और बाय कहा. फिर अपने घर आ गया. अब मैं उसके चूचे याद करके बिस्तर में अपने लंड को सहला रहा था. उसके मम्मों का टच मेरे लंड को तन्ना रहा था.

इतने में उसका कॉल आया कि भाई वो में कपड़े लिए थे, वो साइज़ में फिट नहीं आ रहे हैं.
मैंने पूछा- तो फिर क्या करें?
वो बोली- कल फिर से मार्केट चलना है.

मैंने झट से कहा- और उनकी साइज़ फिट हुई है?
वो बोली- किसकी?
मैंने कहा- तुमने और भी कुछ लिया था ना.
वो बोली- डायरेक्ट बोलो ना भाई.
मैंने कहा- अरे ब्रा और पैंटी की साइज़ कैसी रही?
वो हट कहते हुए बोली- मैंने उनको अभी चैक नहीं किया है.

मैंने कहा- एक आइडिया है तुम वीडियो कॉल करके मेरे सामने उनको भी चैक कर लो.
वो- अरे यार आप मेरे भाई हो . आपके सामने कैसे कर लूं?
मैंने कहा- मैं तो तुमको गर्लफ्रेंड मानता हूँ.
सौम्या बोली- अच्छा जाओ . आपसे कोई नहीं जीत सकता . बाय कल बात करते हैं.

उसने फोन काट दिया.

अब मैं रात में उसकी चुदाई के सपने देखने लगा. मैंने सोच लिया था कि कैसे भी करके मुझे इसे चोदना ही है. मैंने उसकी जवानी को याद करके लंड हाथ से हिलाया और उसके नाम की मुठ मारके सो गया.

सुबह मैंने प्लान बनाया कि कल सौम्या को किसी न किसी तरह से चोदना ही है.

उसे पता था कि मैं कभी कभी शराब पीता हूँ. बस मुझे आईडिया आ गया. मैंने उसे कॉल किया और बोला- तुम्हारा ब्वॉयफ्रेंड किसी दूसरी लड़की के साथ डेट पर गया है.
उसने कहा- इस बात का आपके पास क्या प्रूफ है?
मैंने बोला- एक मिनट रुको.

मैंने दोस्त को कॉल किया और उससे पूछा- कहां हो भाई?
वो बोला- तुम्हारी नई भाभी के साथ.

मैंने कॉल को कॉन्फ्रेंस पर लिया हुआ था. इसलिए सौम्या ने सब कुछ सुन लिया. अभी मेरा दोस्त कुछ और कहता, तब तक मैंने कॉन्फ्रेंस कॉल कट कर दी.

वो इस बात को सुनकर रोने लगी थी. मैंने उससे कहा- मत रो पगली . चल ब्रेकअप पार्टी करते हैं.
वो बोली- आप अभी कहां हो?
मैंने कहा- अपने घर पर अकेला ही हूँ. सब लोग दो दिन के लिए बाहर गए हैं . तो मैं ड्रिंक कर रहा हूँ. तुम लेना चाहो . तो आ जाओ.
सौम्या बोली- मैं आती हूँ भाई और आज मैं भी पियूंगी.
मैंने कहा- आ जा सौम्या आज तुझे ब्लैक लेबल पिलाऊंगा.
वो बोली- लेबल बेबल मैं कुछ नहीं जानती हूँ, बस आ रही हूँ.

मैं पहले से ही ब्लैक लेबल की बोतल लेकर आया था. थोड़ी देर में वो मेरे घर आ गई और आते ही मुझे गले लगा कर रोने लगी.

उसके गले लगते ही मेरा लंड खड़ा हो गया. उसके तने हुए ठोस मम्मे मुझे पागल बना रहे थे. मम्मों के टच होते ही में मदहोश हो गया. मैं पहले ही दो पैग ड्रिंक पिए हुए था.

वो जब सामान्य हुई, तो मैंने झट से उसका पैग बना दिया. वो बिना कुछ सोचे समझे एक बार में ही पूरा गिलास पी गयी. उसका मुँह बना, तो मैंने उसके मुँह में एक नमकीन काजू का टुकड़ा दे दिया. उसका स्वाद ठीक हुआ. तब तक फिर मैंने एक और बड़ा पैग बना दिया. वो उसे भी झट से पी गयी.

मैंने इस तरह उसे 4-5 हार्ड पैग दिए. शराब धीरे धीरे पी जाए, तो नशा होता है . मगर एक साथ गटगट करके ये पता ही चलता कि दारू चढ़ भी रही है या नहीं.

अब उसे नशा काफी हो गया था. मैंने सिगरेट जला कर उसे पकड़ा दी. वो सिगरेट को होंठों में लगा कर कश खींचने लगी.

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