मैं बहनचोद बना मुंह-बोली बहन को चोद कर

दोस्तो, मेरा नाम अखिल है। मैं दिल्ली का रहने वाला हूं। आज मैं आपको एक सच्ची बहनचोद कहानी बताना चाहता हूं। ये कहानी मेरी और मेरी बहन के बीच हुई एक सच्ची घटना है। मैं अपने बारे में बता दूं कि मेरी उम्र 25 साल है। रंग गोरा है और हाइट 5.9 फीट है।

मेरी एक मुंह-बोली बहन है दीप्ति। वो मुझसे हाइट में तो छोटी है लेकिन है एकदम माल लगती है देखने में। उसका रंग भी गोरा है और उसका फिगर 34-32-36 होगा। वो भी दिल्ली में ही रहती है।

मेरा अक्सर उसके घर आना-जाना रहता है और उसके मम्मी-पापा यानि कि अंकल-आंटी से भी अच्छे रिलेशन हैं हमारे। कुल मिला कर सब अच्छा है।

एक दिन की बात है कि मैं दीप्ति के घर गया था किसी काम से। अंकल की जॉब है तो वो घर पर नहीं थे। घर पर बस आंटी और दीप्ति ही थे।

जैसे ही मैं उसके घर पहुंचा और डोर बेल बजाई तो अन्दर से दीप्ति ने दरवाजा खोला तो मैंने देखा कि उसने गाउन पहना हुआ था और वो बहुत सुंदर दिख रही थी। शायद उसने वो नया खरीदा था। मैंने देखा कि उसके बूब्स उसमें से टाइट और आकर्षक दिख रहे थे। मैं तो जैसे देखता ही रह गया उसको।

वो पहली बार था जब मैंने उसे ऐसे देखा था और मेरे मन में उसके लिए ऐसे विचार आए थे। इतना होने के बाद मैं फिर अन्दर चला गया।

सामने आंटी बैठी थी तो मैं उनसे बातें करने लगा और दीप्ति चाय बनाने रसोई में चली गई। दीप्ति चाय लेकर आ गई और उसने मुझे और आंटी को चाय दी. अपने लिए चाय लेकर मेरे पास वाले सोफे पर बैठ गई। हम तीनों चाय पी रहे थे तो मेरी नज़र बार-बार दीप्ति के बूब्स पर ही जा रही थी।

बातों-बातों मैं मैंने महसूस किया कि आंटी की तबियत ठीक नहीं थी तो वो चाय पीने के बाद बोली- बेटा तुम दोनों बातें करो, मेरी तबियत ठीक नहीं लग रही है तो मैं थोड़ा आराम कर लेती हूं. आंटी इतना कह कर वो अंदर रूम में चली गई।

मैं और दीप्ति दोनों बातें करने लगे। मैंने उससे बोला- दीप्ति तूने ये ड्रेस नया लिया है क्या?
वो बोली- हां, नया है तभी तो पहना है।
मैंने कहा- अच्छी लग रही हो.
तो वो बोली- थैंक्यू भाई।

मैं और दीप्ति आपस में थोड़े खुले थे. हम मॉडर्न भी थे तो हम दोनों कुछ हद तक काफी बातें एक दूसरे को बताते रहते थे। हालांकि मुझे पहले से ही पता था कि दीप्ति का कोई ब्वॉयफ्रेंड नहीं है।

मैंने फिर भी पूछा- दीप्ति तूने अपनी फोटो निकाली है क्या?
तो वो बोली- हां, निकाली तो है।
मैं बोला- अच्छा तो किसको सेंड की? अपने ब्वॉयफ्रेंड को?
वो बोली- यार कहां बॉयफ्रेंड। तुझे तो पता है कि मेरा कोई ब्वॉयफ्रैंड नहीं है।
“लेकिन मैंने सोचा कि शायद बना लिया होगा तो इसी लिए पूछा।” मैंने कहा.
“नहीं ऐसा कुछ नहीं है, अगर ऐसा होगा तो तुझे तो पता चल ही जाएगा।”

ऐसे बोल कर वो हंसने लगी. सेक्सी लग रही थी वो। पता नहीं बस मैं कैसे अपने आप को रोके हुए था. मन किया कि उसे अभी किस कर लूं।
मैंने कहा- दीप्ति एक बात बोलूं?
वो बोली- हां कहो.

“अगर तेरा कोई ब्वॉयफ्रेंड होता और आज तुझे देखता तो अपने आप को रोक नहीं पाता। आज तू बहुत अच्छी लग रही है.”
ऐसे बोलते हुए मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और उसके बूब्स को देखने लगा।

उसने मुझे देखा और बोली- भाई, तेरी बहन लगती हूं. तू बहन मानता है मुझे और मेरे ही बारे में ऐसे बोल रहा है?
वो गुस्सा हो गई और मैंने अपने हाथ खींच लिए और उसको सॉरी बोला।

मैं उठा और उठ कर बाथरूम की तरफ चला गया लेकिन अपना मोबाइल छोड़ दिया वहीं। मैंने उसमें उसकी कुछ फोटो निकाली थी चुपके से।
उसको इस बारे में पता नहीं था. फोटो के अलावा भी मेरे फोन में कुछ पॉर्न वीडियो थे। मैं तो अन्दर बाथरूम में चला गया और अन्दर ही मुट्ठी मारने लगा और वहीं झड़ गया। क्या करता मैं, दीप्ति को देखने के बाद खुद को शांत भी तो करना था।

दीप्ति ने मेरा मोबाइल लिया और देखने लगी कि मेरे मोबाइल में क्या-क्या है। पहले उसने अपनी फोटो देखी और बाद में वो ब्लू फिल्म भी देखने लगी। अचानक से पीछे से मैं आ गया और मैंने उसे देख लिया था फिल्म देखते हुए।
लेकिन मैंने ऐसे रिएक्ट किया कि मैंने कुछ भी नहीं देखा और जाकर बैठ गया।

वो बोली- एक बात कहूं?
मैंने कहा- हां बोलो।
वो बोली- तू मेरा भाई है इसलिए मुझे गुस्सा आ गया लेकिन मुझे भी लगता है कि कोई तो हो जिससे मैं अपने मन की बात कर सकूं।

मैंने हिम्मत करके उसका हाथ पकड़ा और बोला- जब तक कोई नहीं है तब तक मै हूं तेरे साथ। जब तुझे मन हो ऐसे बात करने का तो तू उस टाइम भूल जाना कि मेरे और तेरे बीच भाई और बहन का रिश्ता है।
वो बोली- लेकिन ऐसे कैसे?
इतना कहकर वो मायूस सी हो गई.

मैं बोला- मैं तेरा सगा भाई थोड़ी हूं जो ऐसे नहीं कर सकती। मैं तो रेडी हूं तेरी हेल्प के लिये. अब तू खुद देख ले कि तुझे क्या करना है. फिर ऐसे बोलते हुए मैंने उसके हाथ को जोर से भींचा और हल्का सा उसके पास चला गया।

अब मैं उसके हाथ को सहला रहा था। उसे शायद अच्छा लगने लगा था और वो कुछ नहीं बोली। ऐसे ही करते-करते हम बहुत नजदीक आ गए और मैंने उसे अपनी बांहों में भर लिया। मेरे होंठ उसके होंठों के बिल्कुल पास थे।
मैंने उसे हल्का सा किस किया और वो तुरंत पीछे हट गई, बोली- ये क्या कर रहे हो? अन्दर मम्मी है।
मैंने बोला- बस तुम रेडी हो जाओ तो हम दूसरे कमरे में चलते हैं.
“लेकिन मम्मी के होते हुए?”

मैंने कहा- आंटी सो गई है और मैंने पहले ही उनके रूम का दरवाजा लॉक कर दिया है.
मैंने उसको अपने पास खींचा और उसे किस करने लगा। अब वो भी मुझे किस करने लगी और मैं उसके बूब्स दबाने लगा। अब वो सिसकारियां लेने लगी।
मैं बोला- अन्दर चलें? मेरी जान …
वो बोली- चलो।

मैंने उसे गोद में उठाया और रूम में चला गया। अन्दर से रूम लॉक कर लिया और हम दोनों बिस्तर पर लेट कर किस करने लगे। मैंने एक-एक कर उसके सारे कपड़े निकाल दिए और उसके बूब्स चूसने लगा.
वो सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … उम्म …

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