मालिश वाले अंकल के लंड से चुदाई

अन्तर्वासना सेक्स स्टोरीज पढ़ने वाले मेरे प्रिय दोस्तो, मैं आपकी सखी सविता सिंह फिर से हाजिर हूँ. मैं आप सबके लिए आज एक और नई सेक्स स्टोरी लेकर आई हूँ. मेरी रसीली सेक्स कहानी पढ़िए और एन्जॉय कीजिये. स्टोरी कैसी लगी, मुझे जरूर बताना.

जैसा कि आप जानते हैं कि मैं अपने चाचा ससुर से चुदती हूँ और मुझे चाचा ससुर के साथ चुदाई में बहुत मज़ा आता है.

मगर इस बार ये किस्सा उनके साथ चुदाई का नहीं है, बल्कि किसी और के साथ का है.

एक दिन अपने बेटे के स्कूल जाने के बाद मैं घर पर अकेली थी. तभी मेरे हस्बैंड के दोस्त की वाइफ का कॉल आया. हम दोनों बेस्ट फ्रेंड हैं और अपनी सारी बातें एक दूसरे से शेयर करती हैं. साथ ही इस बात का पूरा ख्याल रखते हैं कि ये बातें किसी और को पता नहीं चल सकें.

मेरी सहेली का नाम ममता सिंह है. ममता का फिगर 34D-36-38 का है. उसे भी मेरी तरह चुदाई का शौक है. ममता सिंह के हस्बैंड मेरे हस्बैंड के साथ ही जॉब करते हैं.

घर का काम खत्म करके मैं ममता के घर गयी. उसके घर की डोरबेल बजाई, तो ममता की मेड ने गेट खोला.

मैंने पूछा- ममता कहां है?
तो वो बोली- भाभी रूम में हैं.

मैं उसके रूम में गयी, तो ममता मोबाइल में किसी से वीडियो कॉल कर रही थी. मुझे देखकर उसने कॉल कट कर दिया.

वो मुझसे गले लग़कर बोली- कहां रहती है यार … कभी मिलने तो आ जाया कर … या चाचा ससुर तुझे हमेशा नंगी ही रखते हैं.
मैंने कहा- ऐसा कुछ नहीं है यार.
ममता बोली- यार तेरे तो मजे हैं, घर में ही रोज चुदाई मिलती है.
मैंने कहा- तू कौन सा कम है, तेरा पड़ोसी भी तो तेरी रोज ही लेता है.

इस पर हम दोनों हंसने लगी.

फिर मैंने उससे कहा- वैसे तू अभी किसके साथ बात कर रही थी और मुझे देखकर कॉल कट कर दिया?
वो बोली- एक नया मिला है.
मैंने कहा- कौन है?
वो बोली- उसका नाम बलबीर है … मालिश वाला है. वो मेरे पति की मालिश करने आता था तो मैंने भी अपनी मालिश करवा ली. उसकी पास में ही हेयर ड्रेसर की दुकान है, हेयरकट के साथ मालिश भी करता है.

मैंने कहा- कैसा है देखने में … यंग है या आदमी है?
वो बोली- करीब 48 साल का है … मगर हैंडसम है और चुदाई में बहुत अच्छा है.
मैंने कहा- ये सब हुआ कैसे?
वो बताने लगी:

वो मेरे हस्बैंड की मालिश करने हमेशा आता है और हस्बैंड की मालिश करते हुए मुझे ही घूरता रहता था. मुझे भी अच्छा लगने लगा. एक दिन उसे हस्बैंड की मालिश करने आना था, तभी उस दिन तेरे हस्बैंड का उनके पास कॉल आया, तो वो चले गए.

फिर जब वो मेरे पास आया, तो बोला कि आपके हस्बैंड कहां हैं?
मैंने सोचा कि अगर मैं इससे कह दूंगी वो नहीं हैं, तो ये चला जाएगा. मैंने कहा- बस आने वाले हैं … आप अन्दर आ जाओ.

वो अन्दर आकर बैठ गया. मैं उसके लिए पानी लेकर आयी.
तुझे तो मालूम ही है कि मैं घर में हमेशा एक ढीली सी टी-शर्ट और लोअर या लेग्गिंग्स पहनती हूँ. ब्रा और पेंटी तो घर में पहनना मुझे पसंद ही नहीं है. जब मैं पानी उसे देने लगी, तब मेरी टी-शर्ट से उसे मेरे चूचे दिख गए. वो बस मेरे मम्मों को देखता ही रह गया. उसे मेरी टी-शर्ट से मेरे निप्पल पूरे कड़क दिख रहे थे. मैं भी झुक कर उसे नजारा दिखाती रही.

तभी मैंने पूछा- अंकल आप सिर्फ मर्दों की मालिश करते हैं या औरतों की भी करते हैं.
वो बोला- मैं तो दोनों की करता हूँ.
मैंने कहा- तो आज आप मेरी मालिश कर दो.
तभी अंकल ने बोला- क्यों नहीं … मगर आपके हस्बैंड ने अगर देख लिया, तो वो बुरा तो नहीं मानेंगे.

मैंने अपने होंठों पर जीभ फिराते हुए कहा- उनकी चिंता आप मत करो … आप तो बिंदास, मेरी थकान उतार दो.
उसने भी अपने लंड पर हाथ फेरते हुए कहा- अरे ऐसी थकान उतारूंगा कि बार बार याद करोगी.
मैंने कहा- मालिश की लिए क्या पहन लूं.
अंकल- कुछ ढीला सा पहन लो.

मैंने दोअर्थी शब्दों में कहा- आपकी और कस्टमर क्या पहन कर करवाती हैं?
उसने भी मेरी बात समझते हुए कहा- वो लोग ब्रा और पेंटी में भी करवा लेती हैं … इससे उनके कपड़े ख़राब नहीं होते है.
मैंने कहा- इससे उनको शर्म नहीं आती है?
अंकल बोला- मैडम में प्रोफेशन मालिश वाला हूँ … मुझे इससे कुछ फर्क नहीं पड़ता है.
मैंने कहा- ठीक है … आप बैठो मैं अभी आती हूँ.

फिर मैं अन्दर से एक पुरानी ब्रा और एक पेटीकोट पहन कर उसके सामने आ गयी. ये ब्रा पुरानी जरूर थी, लेकिन छोटी से थी. इसमें मेरे आधे से ज्यादा मम्मे साफ़ दिख रहे थे.

वो तो मुझे इस रूप में देखता ही रह गया. वो लंड सहलाते हुए बोला- हां ये ठीक है मैडम.

मैंने बेड पर एक चादर बिछाई और लेट गयी. उसने तेल की बोतल लेकर थोड़ा सा तेल मेरे पेट पर गिराया. मेरी तो चुदास के मारे आंखें ही बंद हो गयी थीं.

पेट से तेल बहता हुआ मेरी नाभि में भर गया. वो तेल से वो मेरे पेट पर मालिश करने लगा. उसके हाथ मेरे मक्खन जैसे पेट पर फिसल रहे थे. उसके मदमस्त स्पर्श से मेरी चूत पानी छोड़ने लगी थी.

तभी उसने एक उंगली मेरी नाभि में डाल दी और भरा हुआ तेल बाहर निकाला.

मैंने अन्तर्वासना की एक कहानी में पढ़ा था कि नाभि में जब मर्द उंगली डालता है, तो उसका इशारा चुदाई का होता है. उसकी चाहत को मैं समझ गई थी. मुझसे तो खुद अपनी आहें संभालना मुश्किल हो रही थीं.

तभी उसने तेल अपने हाथों में लिया और मेरी चिकनी टांगों पर लगाने लगा. वो मेरी पिंडलियों से शुरू हुआ और मेरे पेटीकोट को हल्के हल्के ऊपर करने लगा. घुटने के नीचे की टांगों से होता हुआ, वो मेरी जांघों तक आ गया. मेरा पेटीकोट मेरी चूत के इर्द गिर्द सिमट गया था. मैंने पैंटी पहनी ही नहीं थी.

मेरी चूत तो पानी पानी हो रही थी.
तभी अंकल ने बोला- मैडम आप पेट के बल लेट जाओ ताकि मैं पीछे टांगों की मालिश कर दूँ.

मैं पेट के बल लेट गयी और उसने मेरा पेटीकोट मेरी गांड तक कर दिया था. उसके हाथ मेरी जांघों पर पकड़ बना रहे थे. मैं उसके मादक मर्दाना स्पर्श से एक अलग ही दुनिया में खोने लगी थी. उसका हाथ जांघों से होता हुआ मेरी गांड पर छू रहा था. इससे वो समझ गया था कि मैंने पेंटी नहीं पहनी है.

तभी वो कमर की मालिश करने लगा उसका लंड पूरा टाइट हो चुका था, जो मालिश करते हुए मेरी कमर पर लग रहा था.

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था. मैंने कहा- अंकल थोड़ा ऊपर की मालिश भी कर दो.

वो ऊपर पीठ की मालिश करने लगा. मुझे लगा वो मेरी ब्रा खोलने को बोलेगा मगर उसने ऐसा नहीं किया.

मैंने खुद अपनी ब्रा के हुक खोल दिए और कहा अब ढंग से और आराम से मालिश करो.

वो मेरी पीठ की मालिश करने लगा. मुझे लगा ये बहुत पक्का हरामी खिलाड़ी है. मुझे ही पहल करनी पड़ेगी. तभी मैं एकदम से पलट गयी और मेरे चूचे खुली हुई ब्रा से बाहर आ गए.
वो मेरे मस्त मम्मों को देखता ही रह गया.
मैंने आँख मारते हुए कहा- अंकल, जरा इनकी भी मालिश कर दो.

उसने तेल को मेरे मम्मों के बीच में डाला और मेरे मम्मों को मालिश करने लगा. उसके हाथ मेरे मम्मों पर फिरते हुए मुझे बहुत अच्छे लग रहे थे. वो मेरे निप्पलों को पकड़ कर मालिश करने लगा. अब मुझसे रहा नहीं गया, तो मैंने उसका लंड पकड़ लिया.

मैंने कहा- तुम तो पक्के खिलाड़ी हो, मुझे लगा तुम पहल नहीं करोगे.
अंकल बोला- ये बात तो मैं शुरू से ही जानता था कि आज तुम जरूर कुछ करोगी क्योंकि तुम्हारे पति ने मुझे पहले ही कॉल करके बता दिया था. यहाँ तो मैं सिर्फ तुम्हें देखने आया था.

मैंने कहा- तो देर मत करो, अब मेरी चूत बहुत गीली हो रही है.
अंकल बोला- आज इसका सही से इलाज मैं ही करूँगा.

वो मेरे पैरों के आ पास गया और मेरा पेटीकोट ऊपर कर दिया. मेरी चिकनी बिना बालों की चूत देखकर वो मस्त ही गया. वो बोला- आज तो इसे अच्छे से फाड़ूंगा.
मैंने कहा- अब देर मत करो.

उसने अपने मुँह को मेरी चूत पर लगा दिया और मेरी चूत का सारा पानी चाट चाट कर साफ़ कर दिया. मैं तो जैसे जन्नत में आ गयी थी.

तभी अंकल बोला- एक ट्रिक दिखाऊं?
मैंने कहा- दिखाओ.

उसने 2 उंगलियां मेरी चूत में डालीं और हल्के हल्के उन्हें मोड़कर अन्दर घुमाने लगा. दो मिनट के अन्दर ही वो मेरे जी स्पॉट तक पहुंच गया. मैं ज्यादा बर्दाश्त नहीं कर पायी और मेरा पानी निकल गया. मेरे पानी से साथ थोड़ी सी मेरी सुसु भी निकल गई.

अंकल वो सारा रस चाट गया.

मैंने कहा- तुम सच में औरतों की कमजोर नस जानते हो.
अंकल बोला- मुझे ऐसे ही इस काम में 20 साल नहीं हो गए हैं.
मैंने कहा- तो अब तक कितनों को चोदा है?
अंकल ने बोला- इतनी औरतों को संतुष्ट किया है कि मुझे खुद भी याद भी नहीं है.

मैंने उसके मोटे लंड को पकड़ा, तो वो मेरे मुँह के पास आ गया. मैंने उसका लोअर नीचे कर कर दिया और उसका मोटा लंड मेरे आंखों से सामने आ गया था. उसका सुपारा किसी बड़े टमाटर जैसा था. मोटे फन वाला सुपारा देख कर मेरे तो मुँह में में पानी आ गया था. मैंने तुरंत उसे मुँह में ले लिया और चूसने लगी. अंकल की भी आंखें बंद हो गईं. वो मेरा मुँह पकड़ कर धक्के मारने लगा. उसका लंड मेरे गले तक आ रहा था. मेरी आंखों से पानी आने लगा था. मेरे मुँह से ‘गुआक … गुआक …’ की आवाज आ रही थी.

मैं कहा- अब जल्दी से मेरी चुदाई कर दो … कहीं कोई आ न जाए.

अंकल ने अपनी पॉकेट से एक कंडोम निकाला और मैंने उनके लंड पर कंडोम चढ़ा दिया.

अंकल झट से मेरी टांगों के पास आ गया और मेरी टांगों को फैला दिया. मेरी चूत तो जैसे उसके लंड से चुदने के लिए पानी बहा रही थी. उसने मेरी टांगें अपनी कंधों पर रखीं और अपने लंड को मेरी चूत में उतार दिया. उसका सुपारा काफी मोटा था और उसका लंड मेरी चूत में पूरा फिट हो गया था. जैसे मेरी चूत के लिए ही बना हो.

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