अंधेरे में चूत और गांद का भोंसड़ा बना

तो जैसे की आपने पढ़ी माधवी के साथ हुई मज़ेदार चुदाई. अब आयेज-

भिड़े घर पे पहुँच कर माधवी के पास जाता है, तो माधवी उसे बताती है की वो ज़रा तक गयी थी. पर माधवी को कुछ बताने का मॅन नही था, जो उसके साथ हुआ था. रात के करीब 11 बजे जब सब घर में डिन्नर कर रहे थे, तो चालू पांडे अपनी जीप से गोकुलधाम पहुँचा.

वैसे भी वो बहुत खुश था माधवी को छोढ़ने के बाद. फिर जीप के जाने के बाद उसकी नज़र बबिता पर पड़ी जो इएर के लिए वेट कर रही थी अपनी बाल्कनी में. उसने सिर्फ़ एक निघट्य पहनी थी.

बबिता का गोरा बदन जिस पर कितने मरते है, और उसकी सेक्सी लेग्स, और उसके बादे बूब्स, और ऐसी छूट तो शायद किसी की ना हो गोकुलधाम में. फिर अचानक बबिता देखती है चालू पांडे उसे देख रहे होते है.

बबिता: अर्रे चालू पांडे जी, आप भिड़े भाई के घर में रह रहे हो ना?

चालू: हा, आपको पता लग गया. कुछ काम के कारण उधर रहना पद रहा है.

बबिता: ओक ओक.

चालू: आप क्या कर रही है?

बबिता: बस इएर का इंतेज़ार.

अचानक उसके मोबाइल की रिंग बजती है.

बबिता: एक मिनिट हा.

चालू: हा बिल्कुल.

इएर का कॉल होता है.

इएर: बबिता मैं घर नही आ पौँगा.

बबिता: क्यूँ, आज भी काम. तुम्हारा रोज़ का है.

इएर: अर्रे समझो बबिता, अब मैं क्या करू. मेरे बॉस ही ऐसे है.

बबिता फिर इएर को किस करके कॉल रख देती है.

चालू: क्या हुआ, इएर नही आएँगे क्या?

बबिता: नही आज भी खाना वेस्ट.

चालू: कितने लकी है वो, रोज़ उन्हे बिंगाली रसगुल्ले चखने मिलते है.

बबिता डबल मीनिंग समझ जाती है. तब भी वो कहती है: नही, कहा आप भी. ठीक है तो कभी खाने का मॅन हुआ तो आ जाना.

चालू: अर्रे कभी भी तैयार हू मैं.

फिर चालू पांडे बबिता से बात करके चला जाता है. फिर वो माधवी के घर पहुँचता है तो भिड़े दरवाज़ा खोलता है. अब उसे तो पता ही होता है क्यूँ माधवी दरवाज़ा नही खोल रही थी. फिर वो मूह धो कर, फ्रेश हो कर टेबल में बैठता है. वो जान-बूझ कर पूछता है-

चालू: अर्रे भिड़े भाई, माधवी जी नही करेंगी डिन्नर?

भिड़े: नही उनकी तबीयत ठीक नही है.

फिर सोनू भी आ जाती है डिन्नर करने, और सब खाना खा कर सो जाते है. अगले दिन सनडे को चालू पांडे जल्दी से काम के लिए निकल जाते है. माधवी ठीक हो जाती है, और वो खाना बनाने चली जाती है, और भिड़े भी नहा कर छाई पीने के लिए रेडी था.

फिर उसकी नज़र माधवी की गांद पर पड़ती है, और वो उसे पीछे से किस करने लगता है. माधवी भी मदहोश हो जाती है, पर अचानक कुक्कर की सीटी बजती है, और माधवी उसे हस्स कर चले जाने के लिए कहती है.

पर भिड़े का लंड पूरा खड़ा हो गया था, और ये सब सोनू को पता था. तो उसने जान-बूझ कर पनटी खोल दी, और बस एक शॉर्ट्स पहनी जो की लूस थी, और जिससे उसकी छूट कोई भी देख ले. फिर भिड़े खड़े लंड से बाहर आता है, तो वो देखता है की सोनू योगा कर रही थी.

सोनू: बाबा ज़रा मेरे पैर को थोड़ी देर पकड़ लीजिए ना.

भिड़े: ठीक है.

भिड़े जब उसके पैर पकड़ रहा था, तो उसको उसकी छूट दिखी, जिससे उसकी नज़र हॅट नही रही थी. क्यूंकी इतनी शेव्ड छूट थी, जिससे उसकी नज़र हॅट नही रही थी, और सोनू भी जान-बूझ कर अपनी छूट उसके मूह के सामने ला रही थी.

जैसे ही भिड़े उसे अपनी जीभ से चाटने जेया रहा था, माधवी अचानक खाना रेडी बोल कर आ जाती है, और सोनू का प्लान बर्बाद हो जाता है.

अंजलि के घर:-

अंजलि को कों नही जानता. उसका पर्फेक्ट फिगर है. उसकी गांद तो इतने पर्फेक्ट है, और उसके बूब्स तो भाई कोई भी उसमे खो जाए. और उसका पर्फेक्ट कर्वी बदन जिसपे कितने लड़के मरते है.

तो होता ऐसे है, की अंजलि बाहर अपनी दोस्त के साथ घूमने गयी थी. तारक घर में आर्टिकल लिख रहा था. अब रात के 1 बजे सब सो रहे थे.

तभी चालू पांडे की जीप उसे छ्चोढ़ कर जाती है, और जब वो जेया रहा था, तभी उसने देखा की अंजलि आ रही थी, और वो पूरी नशे के फन में थी. तो वो उसके सामने जाता है, और वो सोचता है की ऐसा मौका फिरसे नही मिलेगा.

फिर वो अंजलि के पास जेया कर उसे घर छ्चोढने के बहाने उसे टेरेस में ले गया. अंजलि पूरी नशे में थी, तो उसे कुछ पता नही चला. अंजलि ने त-शर्ट और जीन्स पहनी थी, जिससे उसकी बॉडी पूरी शेप में थी.

चालू पांडे ने टेरेस की लाइट बंद कर दी, और बिना रुके अंजलि को किस करने लगा. अंजलि भी मज़े लेने लग गयी. ऐसे ही पुर 15 मिनिट उसने उसके पुर लिप्स चूज़.

अब अंजलि गरम हो चुकी थी, तो वो भी साथ दे रही थी. अब चालू पांडे ने उसकी जीन्स निकालने की कोशिश की, पर टाइट होने के कारण वो निकल नही रही थी. तो उसने उसकी जीन्स फाड़ दी और त-शर्ट निकाल दी.

अब वो उसकी छूट को पूरा चाट रहा था. उसकी छूट शेव्ड नही थी, तो उसकी छूट के बालों को काट के उखाड़ रहा था. अंजलि को दर्द होना शुरू हो गया. ऐसे करते-करते उसने उसके पुर 20 झाँत के बाल उखाड़ दिए. पर अंजलि को मज़ा आ रहा था.

पुर 20 मिनिट उसकी छूट को चाटने के बाद उसने किस करके अंजलि की ही छूट का जूस उसे पिलाया. फिर उसने बिना देर किए अपनी पंत खोली, और अंजलि को उसने कस्स के पकड़ लिया. फिर पोज़िशन सेट करके लंड डाइरेक्ट छूट में घुसा दिया अपना.

12 इंच का लंड अंजलि की छूट में गया, जिससे अंजलि की चीख निकली आंड उसकी पूरी आँखें खुल गयी. उसका नशा उतार गया, पर चालू पांडे ने उसे पकड़ रखा था. अंजलि अलग होने की कोशिश कर रही थी, क्यूंकी उसे बहुत दर्द हो रहा था, और उसके मूह को भी चालू पांडे ने बंद कर रखा था.

चालू पांडे भी बिना बोले मज़े कर रहा था. अंजलि को नही पता था कों उसको छोड़ रहा था. लेकिन फिर उसको मज़ा आने लगा, और वो कामुक आहें भरने लग गयी. ना जानने के बावजूद भी वो चालू को ज़ोर से छोड़ने के लिए बोल रही थी.

फिर पांडे ने अपना लंड अंजलि कू गांद के च्छेद पर लगाया, और अंदर डालने लगा. अंजलि को बहुत दर्द होने लगा, लेकिन वो धक्के मारता गया, और पूरा लंड उसकी गांद में घुसा दिया.

5 मिनिट के दर्द के बाद अंजलि की गांद खुल गयी. अब वो मज़े ले-ले कर गांद छुड़वा रही थी. फिर चालू पांडे ने अंजलि को घुटनो ने बाल बिताया, लेकिन उसकी आँखें हाथ से बंद कर ली. उसने लंड हिलाते हुए सारा माल उसकी आँखों पर दिया.

फिर इससे पहले अंजलि उसको देख पाती, वो वाहा से निकल गया.

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