सेक्स चॅट करती माधवी हो गयी नंगी

ये मेरी पहली स्टोरी है, तो कुछ मिस्टेक्स माफ़ कीजिएगा. बिना ज़्यादा बोर किए शुरू करते है. ये बात है 2020 की. मुंबई में करोना बहुत बढ़ रहा था, तो पोलीस के ऑर्डर पर सभी सोसाइटीस को बाहर से बंद कर दिया गया. कोई सोसाइटी के बाहर नही जेया सकता था, और ना ही कोई अंदर आ सकता था.

शाम को भिड़े मीटिंग करके बोलता है: हम लोग एक-दूसरे के घर जेया सकते है. सारा काम कर सकते है. साथ बैठ सकते है. बात कर सकते है. लेकिन कोई बाहर नही जाएगा, और ना ही कोई बाहर से आएगा. और जो भी समान ऑनलाइन आएँगे, वो प्रॉपर डिसिन्फेक्ट होके आएँगे.

आपको तो पता ही होगा की दया लॉक्कडोवन् लगने के पहले ही सोसाइटी छ्चोढ़ कर माइके चली गयी थी. बेचारा जेथलाल अकेला था. टापू भी, और बापू जी भी. एक घर में टीन-टीन मर्द अकेले थे.

इधर टाइम आयेज बढ़ता गया, और लोगों की सेविंग्स कम होती गयी. जेथलाल तो बहुत अमीर था. इसलिए उसे टेन्षन नही थी. लेकिन भिड़े की सेविंग्स ख़तम होने लगी थी.

माधवी को टेन्षन होने लगी, तो वो सोचने लगी की पैसे कैसे कमाए जाए घर बैठ कर. फिर उसे पता चला की लिव सेक्स छत में बहुत पैसे मिलते है. उसने सोचा की क्यूँ ना यही करते है. इससे पैसे भी मिल जाएँगे, और किसी को पता भी नही चलेगा क्यूंकी वो फेस च्छूपा कर छत करने का सोच रही थी.

एक रात माधवी ऐसे ही कॅम-शो में अपनी छूट दिखा रही थी, और छूट में उंगली कर रही थी. उसकी वाचिंग भी काफ़ी आ रही थी. इधर टापू भी अपना लंड लेकर लिव कॅम-शो देख रहा था. तभी नेक्स्ट उसके सामने माधवी आई. फेस पर मास्क था, तो माधवी को तो नही पहचान पाया, लेकिन घर का बॅकग्राउंड उसे देखा-देखा जैसा लग रहा था.

तो टापू ने स्क्रीनशॉट ले लिया. 2-3 दिन बाद टापू किसी काम से सोनू के घर गया, तो उसने सेम बॅकग्राउंड देखा, जो उसने सेक्स छत में देखा था. तब टापू सोचा की उस घर में दो ही छूट थी माधवी और सोनू की. और उस दिन वो सोनू तो थी नही, क्यूंकी उसकी गांद इतनी बड़ी नही थी.

फिर वो समझ गया की वो माधवी ही थी. तब टापू सोचा की अछा मौका था, तो माधवी को ही अप्रोच करते है. धीरे-धीरे वो रोज़ रात को कॅम-शो पर माधवी को देखने लगा. वो लंड हिलाते रहता था. उसने एक टोकन देकर मेसेज लिखा-

टापू: ही माधवी आंटी, मैं आपको जानता हू. मुझे आपसे बात करनी है कुछ. कल आता हू.

माधवी वो मेसेज पढ़ कर दर्र गयी. लेकिन उसे पता नही था की मेसेज कों किया था. अगले दिन टापू माधवी के घर गया. सोनू वाहा नही थी. वो क्लबहाउस गयी थी, क्यूंकी उसकी ऑनलाइन डॅन्स क्लास थी, और घर में कोई डिस्टर्ब ना करे इसलिए वो क्लबहाउस में ही डॅन्स सीखती थी. भिड़े भी सोसाइटी के काम से सोसाइटी ऑफीस गया हुआ था. टापू माधवी को सोनू के बारे में पूछता है.

तो माधवी बोली: वो तो क्लबहाउस में गयी है, और और उसके पापा सोसाइटी ऑफीस में है.

टापू बोलता है: ठीक है मैं चलता हू, मुझे सोनू से काम है.

माधवी बोलती है: रूको बेटा, अब आए हो तो नाश्ता करते जाओ. वो फिर नाश्ता लाती है, और टापू के सामने रखती है, और सामने सोफे पर बैठ जाती है. माधवी पर्पल सारी पहने हुए होती है. लेकिन उसने आज पनटी नही पहनी थी.

टापू बहुत सोच रहा था, की बात कैसे शुरू करू. वो सोच ही रहा होता है, की माधवी बोलती है-

माधवी: क्या बात है टापू, आज बहुत सोच रहे हो?

तो टापू बोलता है: है कुछ बात.

माधवी: क्या बात है मुझे भी बताओ.

टापू: कैसे काहु?

माधवी: अर्रे कहो ना, कोई दिक्कत नही है.

टापू: कल जो आपको मेसेज किया था, वो मैं ही हू.

माधवी: कों सा मेसेज (वो समझ गयी थी, लेकिन प्रिटेंड कर रही थी).

टापू: अब आपको तो पता ही है. आप से क्या च्छुपाना. जो आप कॅम-शो में अपनी छूट दिखा रही थी, वो वाला.

माधवी: कों सा कॅम-शो? और तुम ये क्या बोल रहे हो छूट वग़ैरा? आंटी से ऐसी बात करते हो.

टापू: मेरे पास स्क्रीनशॉट है बिल्कुल आपके घर के ब्ग से मिलता है, और बूब साइज़ भी लगभग सेम है.

माधवी फिर थोड़ी देर में मान जाती है.

टापू: आप ये क्यूँ कर रहे थे आंटी? आपको किसी चीज़ की ज़रूरत है?

माधवी: अर्रे वो इनका टुटीओन बंद हो गया है ना. तो घर के खर्च के लिए करना पद रहा है.

टापू: अर्रे तो आप जो कॅम-शो में दिखती है. वो मुझे रियल में दिखाए. मैं आपको ज़्यादा पैसे दूँगा.

माधवी: ये तुम क्या बोल रहे हो? मैं ऐसा नही कर सकती.

टापू: मैने आपकी छूट तो वीडियो में देख ही ली है. असली में दिखा दीजिए, क्या दिक्कत है?

माधवी: नही मैं नही कर सकती.

टापू: मेरे पास स्क्रीनशॉट है. बाकी आप समझ ही सकते है. अभी आप सोच ले. आप मेरे रूम में आ सकते है.

इतना कह कर टापू चला जाता है. बहुत सोच कर माधवी टापू के पास जाने का फैंसला लेती है. शाम को माधवी भिड़े को बोलती है-

माधवी: मैं आ रही हू, जेता भाई को वो टमाटर का आचार दे कर.

भिड़े बोलता है: ठीक है, मुझे भी काम है तोड़ा. सोसाइटी का हिसाब करना है. सो मैं जेया रहा हू सोसाइटी ऑफीस.

माधवी टापू का डोरबेल बजाती है. बापू जी दरवाज़ा खोलते है.

बापू जी: आओ माधवी बेटा, बताओ क्या काम है?

माधवी: वो ये टमाटर का आचार देने आई थी.

बापू जी: पर हमने तो बोला नही.

मदवी: वो टापू बोला था

बापूजी: टापू इधर आना, तूने माधवी को टमाटर के आचार के लिए बोला था?

टापू: हा दादा जी, मैं इसे ऑनलाइन सेल करना चाह रहा था. तो माधवी आंटी को बुलाया था. माधवी आंटी आप मेरे रूम में आइए, कुछ फोटोस लेने है. इसके बाद इसे ऑनलाइन सेल कर सकते है.

माधवी टापू के रूम में जाती है, और टापू गाते बंद करता है.

टापू: जल्दी से खोलो और दिखाओ. ज़्यादा टाइम नही है. पैसे मैं दे दूँगा लास्ट में.

माधवी: ठीक है, पर मुझे शरम आ रही है.

टापू: मैने आपकी छूट और गांद देखी है. मुझसे मत शरमाओ. कहो तो मैं अपने भी खोल देता हू.

टापू अपनी पंत और त-शर्ट तुरंत खोलता है. उसका 8 इंच का मोटा और लंबा लंड बाहर आता है. माधवी उसे देख कर शॉक हो जाती है, क्यूंकी भिड़े का 3 इंच का था. टापू जल्दी-जल्दी से माधवी की सारी खोल देता है, और बोलता है-

टापू: बस दिखाने का 1000 दूँगा, और स्पेशल करने का 6000.

माधवी बोलती है: मुझे स्पेशल नही करना है.

टापू पुर मज़े लेता है. वो मोटे-मोटे बूब्स आहह, क्या देसी इंडियन आंटी की छूट गांद थी, चिकनी-चिकनी. टापू अपना लंड हिलने लगता है. माधवी बोलती है-

माधवी: क्या कर रहे हो तुम? मुझ पर लंड झाड़ रहे हो?

टापू: हर कोई कॅम-शो देख कर यही करता है, और ये तो लिव शो है.

15 मिनिट में टापू झाड़ जाता है. उसने माधवी की गांद पर झाड़ा. फिर उसने 1000 रुपय दिए और बोला-

टापू: स्पेशल के बारे में सोच लेना एक बार. माधवी चली जाती है.

ये स्टोरी शायद बोरिंग होगी, क्यूंकी मैं इस स्टोरी में बसे बना रहा हू. एक बार बसे बन जाए, तो आयेज और भी मज़ेदार होगी. पूरी सोसाइटी इन्वॉल्व होगी इसमे. सो अपना सपोर्ट बनाए रखे, और आप मुझे