पड़ोस के लड़के ने मेरी चूत की प्यास बुझाई

वो मेरे बेडरूम में आया, मैंने उसको खाना खिलाया और उसके बाद हम दोनों लोग एक दूसरे की बांहों में आकर एक दूसरे से बातें करने लगे. मैं उससे बात करने के बाद रसोई में थोड़ा काम करने चली गयी और बर्तन धोने लगी.
तो वो लड़का भी आया और बोला- मैं भी आपकी मदद करता हूँ!
और वो भी मेरे साथ बर्तन धोने लगा.

मैं उसको बोलने लगी- तुम ये सब क्यों कर रहे हो? मैं सब कर लूंगी.
तो वो पड़ोसी लड़का मेरी मदद कर रहा था और बोल रहा था- मुझे आपके साथ रहने में बहुत अच्छा लगता है.

हम दोनों बर्तन धोने के बाद हम वहीं रसोई में एक दूसरे से बातें करने लगे और मैंने हमारे लिए कॉफ़ी बना ली और हम दोनों ने वहीं खड़े खड़े कॉफ़ी पी और थोड़ी देर बात करने के बाद मेरे बेडरूम में चले गए.
वो मेरी तारीफ करने लगा और उसके बाद उस लड़के ने मुझे किस करना शुरू कर दिया. मेरी गर्म साँसें उसको और मदहोश कर रही थी. वो मेरे होंठों को चूमने लगा और हम दोनों चुम्बन करने लगे. उसके बाद वो मेरी साड़ी निकालने लगा. मैं ब्लाउज और पेटीकोट में हो गयी. तब उसने मेरी ब्लाउज और पेटीकोट भी निकाल दिया और मैं उसके सामने ब्रा और पेंटी में हो गयी.

मुझे थोड़ी लाज लग रही थी उसके सामने ऐसे रहने में … लेकिन बाद में सब ठीक हो गया. उसने मेरी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी और मेरी चूची को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा. मैं भी सिसकारियाँ लेने लगी और अपने नाख़ून उसकी पीठ में गड़ाने लगी.

वो मेरी चूची को अपने मुंह में लेकर चूसने के बाद मेरी नाभि को किस करने लगा. वो धीरे धीरे मेरी चूत को चाटने लगा और मेरे जांघों को मसलने लगा. मेरी सिसकारियां बढ़ती ही जा रही थी और मैं उसके बालों में अपने हाथ फिराने लगी और उसके बालों को नोचने लगी.

वो मेरी दोनों टांगों को खोल कर मेरी चूत के अन्दर तक अपनी जीभ डाल कर मेरी चूत चाट रहा था. मेरे पति ने तो मेरी चूत कभी चाटी ही नहीं है. मुझे बहुत मजा आ रहा था उससे चूत चटवाने में!
और बाद में मैंने भी उसका लंड चूसा और इस ओरल सेक्स में हम दोनों एक एक बार झड़ गए थे.

कुछ देर बाद वो लड़का दुबारा मेरी चूत को चाटने लगा और मैं भी अपनी चूत उसके मुंह में दे रही थी और वो बोल रहा था- भाभी, आपकी चूत चाटने में मुझे बहुत मजा आ रहा है.
मैं अपनी चूत को बहुत साफ़ रखती हूँ इसलिए उसको मेरी चूत चाटने में बहुत मजा आ रहा था.

वासना से मेरी आवाजें थोड़ी तेज होने लगी और मैं बहुत ज्यादा गर्म हो गयी थी चुदवाने के लिए और मैं उसको बोलने लगी- अब मुझसे नहीं रहा जाता है बस, मेरी चूत नहीं चाटो … मेरी चूत में लंड भी डालो!
और उसने मुझे बिस्तर पर चित लिटा दिया और मेरी चूत में अपना लंड डालने लगा. उस लड़के ने अपना आधा लंड मेरी चूत में डाला ही था कि मेरी चूत में दर्द होने लगा, मैं करीब दो महीने से चुदी नहीं थी तो मेरी चूत काफी कस गयी थी. मैं उसको लंड बाहर निकलने के लिए बोली तो वो मान गया और उसने अपना लंड बाहर निकाल दिया और मेरी चूत को चाटने लगा.

वैसे तो मैंने बहुत बार बहुत लड़कों से अपनी चूत चुदवा चुकी हूँ तो मुझे थोड़ा अनुभव था इसलिए मैं थोड़ा दर्द बर्दाश्त कर लेती हूँ. लेकिन शादी के बाद मैं पहली बार अपने पति के अलावा किसी और से चुदवा रही थी.

कुछ देर बाद उसने दुबारा अपना लंड मेरी चूत में डाल दिया और मुझे चोदने लगा और हम दोनों चुदाई करने लगे. मुझे थोड़ा दर्द हो रहा था लेकिन चुदाई के आगे दर्द थोड़े चुदाई दिखती है. मैं भी उसके साथ सेक्स करने लगी.

हम दोनों लोग एक दूसरे को किस करते हुए सेक्स कर रहे थे. वो मेरी चूत में अपना लंड डाल कर कभी कभी मेरे ऊपर ही लेट जा रहा था तो कभी कभी मेरी चूत में अपना लंड डाल कर अन्दर बाहर कर रहा था.

मेरी चूत में से पानी निकलने लगा और उसके लंड में से भी पानी निकल रहा था. हम दोनों की चुदाई से फच फच गच गच की आवाजें आ रहा थी. हम दोनों चुदाई करते करते बिस्तर की चादर को भी इधर उधर कर दिए थे. और हम दोनों लोग की चुदाई जारी थी. वो लड़का मुझे चोद रहा था और मैं अपनी गांड हिला हिला कर उसका साथ दे रही थी.

धीरे धीरे उसने अपनी स्पीड बढ़ा दी और हम दोनों का बदन चुदाई से पसीने से भीग गया था और हमारी साँसें बहुत तेज चल रही थी. वो मुझे चोद रहा था और मैं सिसकारियां ले रही थी- आह आह जानू चोदो मेरी चूत को … उम्म्ह… अहह… हय… याह… आज शांत कर दो मेरी चूत की प्यास बुझा दो … बहुत दिन से चुदी नहीं है आह आह आह…
मेरे मुख से ऎसी आवाजें निकल रही थी.

चुदाई करते करते हम दोनों का पानी निकल गया. मुझे बहुत दिन के बाद अच्छा लग रहा था चुदवाने के बाद और मेरी चूत की प्यास बुझ गयी थी.

कुछ देर के बाद हम दोनों ने एक बार और चुदाई की और इस बार उसने मुझे घोड़ी बना कर चोदा था.
मैंने उससे पूछा- तुमको इतना अनुभव कैसे है सेक्स का? तुम तो बहुत अच्छी चुदाई कर रहे हो?
तो वो बोला- मैं अपनी भाभी को भी चोदता हूँ. भाभी ने ही मुझे चुदाई करना सिखाया था.
मैं तब समझ गयी कि तभी तो वो मेरी चूत को इतने अच्छे से चाट रहा था.

हम दोनों ने दूसरी बार भी जमकर चुदाई की, वो पीछे से मेरी चूत में लंड डाल कर धक्के मार रहा था और मैं आगे से पीछे को अपने चूतड़ धकेल कर अपनी चुदाई करवा कर मजा ले रही थी. और उसके कुछ देर बाद हम दोनों का पानी निकल गया. उस लड़के ने मेरी बढ़िया तसल्ली करवा दी थी. एक लम्बे अरसे के बाद मुझे परम आनन्द प्राप्त हुआ था चूत चुदवा कर!

तब से लेकर मैं जब भी अपने घर में अकेली रहती हूँ या जब भी मुझे चुदवाने का मन करता है तो मैं उसको बोल देती हूँ और वो मुझे बहुत अच्छे से चोदता है और मेंरी चूत का प्यास बुझाता है.
आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी. मुझे मेल करके जरूर बताएं! आप सब मेरी कहानी पर फीडबैक जरूर दीजिए.

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