जवानी का जोश अलग होता है

मैं एक दिन विजय को फोन करता हूं विजय मेरे साथ पुणे में पढ़ाई करता था लेकिन अब हम दोनों की पढ़ाई पूरी हो चुकी है। मैंने तो पुणे में ही अपनी नौकरी ज्वाइन कर ली है लेकिन विजय अब चंडीगढ़ चला गया है जब मैंने विजय को फोन किया तो पहले किसी ने फोन नहीं उठाया लेकिन जब मैंने दूसरी बार कॉल किया तो सामने से किसी लड़की की आवाज आई मैंने उसे कहां आप कौन बोल रहे हैं। वह कहने लगी मैं विजय की बहन पायल बोल रही हूं मैंने पायल से कहा मुझे विजय से बात करनी थी तो पायल कहने लगी यह नंबर तो भैया ने मुझे दे दिया है और अब यह नंबर मेरे पास है। मैं आपको भैया का दूसरा नंबर दे देती हूं लेकिन अभी वह शायद आपसे बात नहीं कर पाएंगे क्योंकि आज उनके ऑफिस में कुछ जरूरी मीटिंग थी इसलिए उन्होंने आज मुझे भी फोन करने से मना किया था।

मैंने पायल से कहा तो तुम मुझे विजय का नंबर दे देना और फिर मैंने फोन रख दिया काफी समय से मेरी विजय से बात नहीं हुई थी क्योंकि अब वह भी अपने ऑफिस के काम में बिजी था और मुझे भी समय कम ही मिला करता था। इस वजह से हम दोनों को शायद अब समय नहीं मिल पाता था कि हम दोनों एक दूसरे से बात कर पाए लेकिन पायल ने मुझे विजय का नंबर मैसेज नहीं किया। मैंने उसे दो घंटे बाद फोन किया पायल ने दोबारा से फोन उठाया मैंने उसे कहा आपने मुझे विजय का नंबर मैसेज नहीं किया तो पायल कहने लगी ठीक है मैं आपको अभी मैसेज कर देती हूं। मैं जैसे ही फोन रखने वाला था तो पायल ने मुझ से पूछा लेकिन आप कौन बोल रहे हैं मैंने पायल से कहा मैं अमित बोल रहा हूं विजय मेरे साथ पुणे में पढ़ाई करता था और हम दोनों ने साथ में ही अपनी पढ़ाई पूरी की है। पायल मुझे पहचान गई और कहने लगी भैया मुझे आपकी फोटो दिखा कर कहने लगे कि यह मेरा दोस्त अमित है वह मुझे कहने लगी भैया आपकी बहुत तारीफ करते हैं और हमेशा आपके बारे में बात करते रहते हैं।

पायल से बात करके ना जाने मुझे क्यों अच्छा लग रहा था मैं पायल से कभी मिला नहीं था मेरी पहली बार ही उससे फोन पर बात हुई थी लेकिन ना जाने उससे बात करना मुझे क्यों अच्छा लगा और कुछ देर बाद मैंने फोन रख दिया। पायल ने मुझे विजय का नंबर मैसेज कर दिया था जब पायल ने विजय का नंबर मैसेज किया तो मैंने उसे मैसेज में ही थैंक्यू का रिप्लाई किया और शाम के वक्त मैंने विजय को फोन किया। मैंने विजय से कहा तुमने नया नंबर ले लिया है वह कहने लगा यह नंबर मैंने घर पर दे दिया था और मैंने नया नंबर ले लिया है मैंने विजय से पूछा तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है विजय कहने लगा जॉब तो अच्छी चल रही है तुम सुनाओ तुम्हारी जॉब कैसी चल रही है मैंने उसे कहा मेरी जॉब भी अच्छी चल रही है। मैंने विजय से कहा तुम कभी इधर भी आओ वह कहने लगा यार तुम्हें तो मालूम है कि अभी जॉब करते हुए कुछ समय ही हुआ है और छुट्टी मिलना मुश्किल ही है लेकिन फिर भी कोशिश करूंगा। मैंने विजय से कहा तुम्हें यहां पर सब लोग याद करते हैं वह लोग तुम्हारे बारे में हमेशा पूछते हैं कि विजय आजकल क्या कर रहा है क्योंकि मैं ही तुम्हारे सबसे ज्यादा नजदीक था इसलिए वह लोग मुझसे तुम्हारे बारे में पूछते हैं। हम लोगों ने उस दिन आधे घंटे तक बात की और उसके बाद मैंने फोन रख दिया मैं भी अपने काम में बिजी था और मुझे भी ज्यादा समय नहीं मिल पाता था। एक दिन मैंने विजय को फोन किया तो उस दिन भी पायल ने फोन उठाया पायल मुझे कहने लगी मैंने आपको भैया का नंबर दिया तो था लेकिन शायद मैंने उस दिन विजय का नंबर सेव नहीं किया और जो नंबर मेरे मोबाइल में सेव था मैंने उसी नंबर पर कॉल कर दिया। पायल से उस दिन मेरी बात काफी देर तक हुई और उससे बात कर के मुझे अच्छा लगने लगा अब मैं किसी ना किसी बहाने पायल को फोन करने लगा था पायल को भी शायद मुझसे बात करना अच्छा लगता था। हम दोनों के बीच अब फोन पर ही बातें होती थी लेकिन यह बात ना तो पायल ने विजय को बताई थी और ना ही मैं उसे इस बारे में कुछ बताना चाहता था मैं हमेशा ही इस बात से चिंतित रहता कि कहीं यह बात विजय को पता चली तो कहीं वह मेरे बारे में कोई गलत धारणा अपने दिमाग में पैदा ना कर ले इसीलिए मैंने उसे कभी भी इस बारे में बताने की नहीं सोची।

पायल और मैं अब एक दूसरे को प्यार करने लगे थे हम दोनों कभी एक दूसरे से मिले नहीं थे लेकिन हम दोनों के बीच बहुत ज्यादा प्यार था पायल मुझसे मिलना चाहती थी लेकिन मैं अपने काम में इतना व्यस्त था कि उससे मिल पाना मेरे लिए संभव नहीं था। एक दिन मुझे लगा कि मुझे पायल से मिलना चाहिए उस दिन मैं पायल से मिलने के लिए चंडीगढ़ चला गया जब मैंने विजय को यह बात बताई कि मैं चंडीगढ़ आया हूं तो वह मुझे लेने के लिए स्टेशन पहुंचा उसने जब मुझे रिसीव किया तो वह मुझे अपने घर ले गया। मैं पहली बार ही पायल से मिला था पायल को जब मैंने देखा तो मुझे बहुत अच्छा लगा और हम दोनों एक दूसरे को देख कर मुस्कुराने लगे विजय ने उस दिन अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी और उसने मुझे कहा मैं तुम्हें चंडीगढ़ घुमाना चाहता हूं। हम लोग चंडीगढ़ घूमने के लिए निकल पड़े हमारे साथ पायल भी थी मैं विजय के सामने पायल से ज्यादा बात तो नहीं कर सकता था लेकिन मैं जब भी पायल को देखता तो मुझे अच्छा लगता और मैं उसे देखकर मुस्कुरा दिया करता। पायल और मेरे बीच में बहुत ही ज्यादा प्यार बड़ चुका था और इस बात का अंदाजा तो मुझे इसी बात से था कि पायल कितनी ज्यादा खुश है उसके चेहरे पर बहुत ज्यादा खुशी थी। विजय के परिवार वालों से भी मेरी अच्छी बातचीत होने लगी थी मैंने कुछ दिनों के लिए अपने ऑफिस से छुट्टी ले ली थी क्योंकि मैं चाहता था कि मैं कुछ समय पायल के साथ बिताऊँ मैं विजय से मिलकर भी बहुत ज्यादा खुश था।

Pages: 1 2

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *