मेरी चालू बीवी लंड की प्यासी-4

मेरी नोनवेज़ सेक्स स्टोरी में आपने पढ़ा कि मेरी बीवी और पापा का ये रिश्ता अब ससुर बहू के रिश्ते से हट कर पति पत्नी के रिश्ते जैसा हो रहा था. एक दिन जब ससुर बहू चुदाई कर रहे थे तो मैं भी बीच में घुस गया.

मैं आशीष अपनी नोनवेज़ सेक्स स्टोरी को आगे बढ़ा रहा हूं. मेरी चालू बीवी की ससुर बहू चुदाई कहानी के इससे पहले भाग
मेरी चालू बीवी लंड की प्यासी-3
में मैंने आपको बताया था कि मेरे पिताजी मेरी चालू बीवी की चूत के कायल हो गये थे. अब मेरी बीवी को भी मेरे पापा के लंड से चुदकर ही ज्यादा मजा आता था.

मेरी बीवी और मेरे पापा के बीच का ये रिश्ता अब ससुर बहू के रिश्ते से हट कर पति पत्नी के रिश्ते के जैसा होता जा रहा था. यहां तक कि मेरे पिताजी मेरी ही बीवी के साथ भाग जाने की बात करने लगे थे.

मुझे लवली की शादी के पहले की जिन्दगी के बारे में भी पता लगा कि किस तरह से वो शादी से पहले कॉलेज में ही चूत मरवाने लगी थी. उसने अपने पिता से भी अपनी चूत चुदवा ली और फिर लवली, उसकी मां और उसके पापा एक साथ तीनों मिल कर चुदाई का मजा लेने लगे.

लवली के प्लान के मुताबिक फिर मैंने पापा को मेरी बीवी की चुदाई करते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया और अब हम तीनों खुल कर आमने सामने आ गये थे. तभी मां के आने का संदेश भी आ गया. मां ने बोला कि वो दो दिन के बाद घर आ रही हैं. लवली ने अब एक और प्लान सोचा था.

अब आगे की कहानी पढ़िये.

उस रात मैं लवली के किये गये प्लान से चल रहा था. रात के बाद जब मेरी आंख खुली तो मैंने पहले मोबाइल फोन देखा था. मां बोली कि मैं दो दिन बाद आऊंगी. दूसरी बात लवली मुझसे पहले ही जाग गई थी.

मैं नीचे आया तो देखा कि लवली पापा से बात कर रही थी. मुझे देख कर पापा चले गये.

लवली बोली- पापा काफी परेशान हैं.
मैंने कहा- किस बात को लेकर?
वो बोली- वो मेरे साथ रहने के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं.

मैंने कहा- तो फिर तुमने क्या बोला पापा को?
वो बोली- मैं उनको समझाने की कोशिश कर रही हूं. तुम बस 5-7 दिन मेरा साथ दे दो, उसके बाद सब ठीक हो जायेगा.
पापा खाने के बाद कहीं बाहर चले गये. शाम को लवली ने पापा को कॉल किया. पापा के आते ही लवली ने मुझे बाहर जाने के लिए बोल दिया.

मैंने कहा- ठीक है, मैं जा रहा हूं लेकिन जब तुम पापा से बात करो तो मुझे कॉल कर लेना ताकि मैं भी बात सुन सकूं. अगर तुमने मुझे कॉल नहीं किया तो फिर मैं खुद ही घर के अंदर आ जाऊंगा.
वो बोली- ठीक है, अब तुम जाओ.

8 बजे के करीब पापा आये और लवली आते ही उनको किस करने लगी.
पापा बोले- आशीष कहां है?
वो बोली- बाहर गये हुए हैं. वो कह रहे थे कि वो और मैं मेरी मां के घर पर रहेंगे. वहीं पर खेत की देखभाल भी हो जायेगी.
पापा बोले- नहीं, ये नहीं हो सकता है, तुम किसी भी तरह यहीं पर रहने के लिए मनाओ उसको, चाहे कुछ भी करो. मैं तुम्हारे बिना नहीं रह सकता.

लवली बोली- तब तो एक ही तरीका बचा है.
पापा बोले- क्या तरीका है? जल्दी बताओ.
वो बोली- एक यही तरीका है, अगर ये हो पाया तो बात बन सकती है. मैं भी इसी घर में रहूंगी और वो मुझे रोक भी नहीं पायेंगे आपके पास आने से. मगर ये काम आप ही कर सकते हैं.

पापा बोले- हां, मैं कुछ भी करने के लिए तैयार हूं.
वो बोली- आप पहले कसम खायें कि आप बुरा नहीं मानेंगे. अगर आप ये काम कर सकें तो ही मैं आगे बताती हूं. मैं भी आपके साथ ही रहना चाहती हूं मगर सब अब आपके ऊपर ही है.

उम्मीद पाते देख पापा बोले- मैं कसम खाता हूं लेकिन फिर मेरी बात सुन लो कि तुम आशीष को तैयार कर लोगी.
लवली- उनका तो आप मेरे ऊपर छोड़ दीजिये.
पापा- तो फिर जल्दी कहो कि क्या करना है. वरना फिर आशीष आ जायेगा और कुछ बात नहीं हो पायेगी.

लवली कहने लगी- आशीष अब सब जान गये हैं और ये तभी राज़ी होगें जब उनको कोई चूत मिले. अगर आप इसका जुगाड़ बना सकें तो फिर हमारी बात भी बन सकती है. हम दोनों भी पूरा मजा ले पायेंगे.

पापा बोले- मगर ऐसा कैसे हो सकता है, जब तक तुम इस घर में हो तब तक तो आशीष की दूसरी शादी भी नहीं हो सकती है.
लवली- मैं बताऊं, एक तरीका है.
पापा- हां बताओ जल्दी.

अब लवली की बात सुनने के लिए मैं भी बेचैन था कि वो क्या तरीका बतायेगी.
लवली ने कहा- मम्मी की चूत दिलवा दो उसको.
अपनी चालू बीवी के मुंह से ये बात सुन कर मैं दंग रह गया. वो एक नामुमकिन सी बात बोल रही थी. ऐसा नहीं हो सकता था.

पापा भी ये सुन कर सोच में पड़ गये और उन्होंने कुछ जवाब नहीं दिया. पापा कुछ नहीं बोल रहे थे.
फिर लवली ने तुरंत बात को बदल दिया. वो कहने लगी- कोई बात नहीं पापा. मैं तो ये सोच लूंगी कि आपके साथ मेरा प्यार कुछ दिनों का ही था. मैं आशीष को बोल दूंगी कि वो मां को कुछ न कहे इस बारे में.

फिर उसने पापा को किस करते हुए कहा- कोई बात नहीं, मैं तो सिर्फ आपको पाने के लिए ये रास्ता बता रही थी. अगर नहीं हो सकता है तो कोई बात नहीं.
पापा बोले- तुम आशीष को मनाने की तैयारी करो. हम दोनों जरूर कुछ न कुछ जुगाड़ कर लेंगे.

मैं सोच में पड़ गया था. मैंने पापा को कभी इस तरह नहीं देखा था. वो मेरी बीवी की चूत के पीछे ऐसे पागल हो गये थे कि मेरी मां से मेरी ही सेटिंग करवाने के लिए तैयार हो गये थे. लवली में जरूर कुछ अलग था जो पापा उसके लिए ये कदम उठाने के लिए तैयार थे.

उसके बाद मैं भी बाहर से घर के अंदर आ गया. मैंने लवली से खाना मांगा. पापा को खाना देने के बाद वो मेरे पास ऊपर आ गयी. मैंने आते ही लवली को बांहों में भर लिया और चूमने लगा.

मैंने कहा- तुम तो बहुत महान हो मेरी जान, तुमने तो कमाल कर दिया. मगर मम्मी को तैयार करना नामुमकिन है, यह एक ख्वाब है कि मां इस बात के लिए मान जायेगी. ऐसा नहीं हो सकता है.
वो बोली- सब हो सकता है. बस आप मेरे दिमाग से काम करिये. मैं पापा के पास जा रही हूं. आप कुछ समय के बाद नीचे आना.

इतना बोल कर वो नीचे चली गयी. मगर मैं भी रुकने वाला नहीं था. मैं उसके तुरंत बाद नीचे चल दिया. मैंने देखा कि लवली पापा की गोद में बैठ कर उनको किस कर रही थी.
पापा बोले- आशीष कहां है?
लवली- वो ऊपर है.

पापा बोले- तो फिर आशीष ने क्या बोला उस बात के बारे में?
लवली- यही कि अगर 10 दिन में कुछ जुगाड़ नहीं हुआ तो वो मुझे छोड़ कर चले जाएंगे.
ये सुन कर पापा बहुत खुश हो गये.

लवली उनकी पैंट के ऊपर से उनके लंड को पकड़ कर हिलाने लगी.
पापा बोले- जान तुम्हारे लिये तो मैं दुनिया छोड़ दूंगा. तुमने मेरे लिए सब कुछ किया है, ऐसा कोई और नहीं कर सकता है.
लवली बोली- मैं आपसे प्यार करती हूं पापा, इसलिए ये सब किया है मैंने.

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