पुंजब की लड़की किरण की चुदाई की कहानी

ही फ्रेंड्स, मेरा नाम युवराज है. मैं पुंजब का रहने वाला हू. मेरी उमर 30 साल है, और मैं शादी-शुदा आदमी हू. मैं लंबा-छुड़ा हेल्ती आदमी हू, और लंड मेरा इतना बड़ा और मोटा है की किसी भी औरत या लड़की की छूट फाड़ सकता है. सेक्स टाइमिंग भी मेरी पर्फेक्ट है. इस कहानी में मैं आपको बतौँगा की कैसे मैने अपनी लालची साली को छोड़ा.

दोस्तों मेरी बीवी काफ़ी खूबसूरत है. उससे शादी करने के बाद से मेरी सेक्स लाइफ काफ़ी अची थी, तो मैने कभी किसी दूसरी लड़की के बारे में सोचा नही. मेरी बीवी की फॅमिली में उसके मम्मी-पापा, एक छ्होटी बेहन, और उससे छ्होटा भाई है.

मेरी साली का नाम किरण है. वो फर्स्ट एअर कॉलेज की स्टूडेंट है. उसकी आगे 19 है, और फिगर 32-28-34 है. रंग गोरा है, और वो भी अपनी दीदी की तरह खूबसूरत है. मैने कभी उसके बारे में ग़लत नही सोचा था, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ की वो मुझसे चुड गयी.

बात 3 महीने पहले की है. उसके डिसेंबर एग्ज़ॅम्स के बाद उसे कॉलेज से कुछ दिन की छुट्टियाँ थी. तो वो एक हफ्ते के लिए हमारे घर रहने आ गयी. वो आई, तो हमने आचे से उसका वेलकम किया. उसको अची-अची चीज़े खिलाई.

मैने एक चीज़ नोटीस की, की वो अपनी बेहन की हर चीज़ को बड़े गौर से देख रही थी, जैसे उसको भी वो चाहिए हो. लेकिन फिर मैने इग्नोर कर दिया. ऐसे ही 2 दिन बीट गये.

फिर तीसरे दिन मैं हॉल में बैठा हुआ टीवी देख रहा था. तभी मेरी बीवी मेरे पास आई और बोली-

बीवी: सुनिए मेरी आल्मिराह का लॉक खराब हो गया है, तो मैं ज्यूयलरी ये बाहर हॉल वाली आल्मिराह में रख डू?

मैं: हा रख दो.

फिर जब वो ज्यूयलरी लेके आई, तो किरण ने उसको ज्यूयलरी दिखाने को कहा. मेरी बीवी ने सारी ज्यूयलरी का पिटारा खोल कर उसको दिखाया. वो बड़ी खुश हो गयी, और बड़े ध्यान से सब कुछ देख रही थी.

दिखाने के बाद मेरी बीवी ने सब गहने आल्मिराह में रख कर लॉक कर दिया. उसने आल्मिराह की चाबी वही कॉर्नर में रख दी. किरण उधर ही देख रही थी. फिर रात हो गयी, और सब डिन्नर करके सो गये.

आधी रात में मेरी अचानक से नींद खुल गयी. मैने साइड टेबल से जुग में से पानी पिया, और फिरसे सोने लगा. तभी मुझे बाहर से कुछ आवाज़ आई. मुझे लगा की इस वक़्त किस चीज़ की आवाज़ आ रही थी, तो मैं बेड से उठा, और बाहर हॉल में आ गया.

बाहर आके देखा तो किरण आल्मिराह के पास खड़ी थी. मैं उसको देख कर हैरान हो गया. मैं सोचने लगा की वो क्या कर रही थी. तभी मैने उसको आल्मिराह खोलते देखा. उसने आल्मिराह का लॉक धीरे से खोला, और गहनो में से एक नेकलेस निकाल लिया.

उस नेकलेस को देख कर वो बहुत खुश हो गयी. फिर उसने आल्मिराह को लॉक किया, और अपने कमरे की तरफ जाने लगी. मैं उसके पीछे-पीछे जाने लगा. उसका कमरा 1स्ट्रीट फ्लोर पर था. जब वो कमरे में एंटर करने लगी, तो मैने उसको पीछे से आवाज़ दी.

मैं: किरण!

मेरी आवाज़ सुनते ही उसकी गांद फटत गयी, और उसने डरते हुए पीछे देखा. मुझे उसके चेहरे पर घबराहट सॉफ दिखने लगी. तभी मैने उसके हाथ को देखते हुए कहा-

मैं: ये नेकलेस कहा लेके जेया रही हो?

किरण: जीजू मैं नीचे गयी थी, तो ये वाहा पड़ा हुआ था. मैने सोचा अपने पास रख लेती हू, सुबा दीदी को दे दूँगी.

मैं: मैने देखा है तुम्हे आल्मिराह खोल कर इसको निकालते हुए.


किरण तभी मेरे पैरों में गिर गयी, और माफी माँगने लगी. उसने लूस पिंक त-शर्ट और वाइट शॉर्ट्स पहनी हुई थी. जब वो नीचे बैठी थी, तभी मेरी नज़र उसकी क्लीवेज पर गयी, जो बहुत सेक्सी लग रही थी. उसने त-शर्ट के नीचे ब्रा नही पहनी थी.

मैं उसको उठने के लिए बोल रहा था, लेकिन वो कह रही थी की जब तक मैं उसको माफ़ नही करूँगा वो नही उठेगी. उसकी सेक्सी क्लीवेज से मेरी नज़र हॅट नही रही थी, और मेरा लंड खड़ा हो रहा था. तभी उसने मुझे उसकी क्लीवेज देखते हुए देख लिया.

ये देखते ही उसने मेरे लंड पर हाथ रखा और बोली: जीजू मैं कुछ भी करूँगी, बस मुझे माफ़ कर दो.

मैं उसका इशारा समझ गया. मैने उसी वक़्त उसको खड़ा किया, और अपने होंठ उसके होंठो से चिपका दिए. हम दोनो पागलों की तरह किस करने लगे. मैने किस करते हुए उसको बाहों में उठाया, और रूम के अंदर ले गया.

अंदर जाके मैने उसको बेड पर लिटाया, और उसकी त-शर्ट निकाल दी. अब मैं उसके गोरे-गोरे बूब्स को चूसने लग गया. वो मेरे सर को अपनी आगोश में लेके अपने बूब्स में दबा रही थी. मैं उसके निपल्स खींच-खींच कर चूस रहा था.

फिर मैं किस करते-करते नीचे आया, और उसकी शॉर्ट्स उतार दी. शॉर्ट्स के नीचे उसने ब्लू पनटी पहनी हुई थी, जो छूट वाली जगह से गीली हुई पड़ी थी. मैने उसकी पनटी उतरी, और नीचे से बिल्कुल सॉफ और चिकनी छूट बाहर आई. फिर मैं खुद भी नंगा हो गया.

जब मैने अपना लंड उसकी छूट पर सेट किया तो वो बोली: जीजू अगर आपको आयेज बढ़ना है तो मुझे एक अछा सा गिफ्ट देने का प्रॉमिस करो.

अब उस वक़्त बंदा क्या कर सकता है. मैने उसको प्रॉमिस किया, और फिर ज़ोर का धक्का मार कर लंड छूट में घुसा दिया. उसकी छूट बहुत टाइट थी, लेकिन वो कुवारि नही थी. वो चीखने लगी तो मैने उसका मूह अपने हाथ से बंद कर दिया.

फिर मैं उसकी धक्का-पेल चुदाई करने लगा. जवान लड़की को छोड़ने का मज़ा ही कुछ और होता है. और अगर वो आपकी साली हो, तो इससे बढ़िया बात ही नही हो सकती. कुछ देर उसी पोज़िशन में छोड़ने के बाद मैने उसको अपने उपर चढ़ा कर लंड पर उछालना शुरू किया.

अब वो उछाल-उछाल चूड़ने का मज़ा ले रही थी. आधा घंटा मैने अपनी साली को जी भर कर अलग-अलग पोज़िशन में छोड़ा. फिर मैने अपना माल उसके पेट पर निकाल दिया, और अपने रूम में आके सो गया. अगले दिन मुझे उसको 20000 का गिफ्ट देना पड़ा. लेकिन वो जीतने दिन रही, मैने उसको उतने दिन छोड़ा.

दोस्तों कहानी का मज़ा आया हो, तो इसको शेर ज़रूर करे.
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