शादी के बाद भी रिश्ते हैं

मैं सरकारी स्कूल में टीचर हूं मैं जिस स्कूल में पढ़ाता हूं उसी स्कूल में मेरी सहायक टीचर है जो कि मुझे बहुत पसंद है उनका नाम मधु है मधु को मैं पिछले दो वर्षों से जानता हूं उनकी भी शादी नहीं हुई है और मेरी भी शादी अभी तक नहीं हुई है। मैं जब भी मधु को देखता हूं तो मैं अपने दिमाग में यही सोचता हूं कि मधु जैसी पत्नी काश मुझे मिल जाती लेकिन उन्हें मैंने अपने दिल की बात अभी तक नहीं बताई और जब भी वह मेरे साथ होते हैं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है मेरे अंदर उस वक्त एक अलग ही खुशी होती है। मधु से जब मैं पहली बार मिला था तो उन्हें मिलकर मुझे बहुत अच्छा लगा मैंने उस दिन हीं अपने दिमाग में उनके लिए प्यार पैदा कर लिया था और सोचा था कि मैं मधु से शादी करूंगा और मैंने जब अपने दिमाग में यह विचार बना लिया था कि मैं मधु से शादी करूंगा तो उसी दौरान मेरे लिए रिश्ते भी आने लगे थे लेकिन मैंने वह रिश्ते ठुकरा दिये और मैंने अभी तक शादी नहीं की।

मै सिर्फ मधु के बारे में ही सोचता रहता लेकिन मुझे क्या पता था की मधु का अफेयर किसी और से ही चल रहा है उसका रिलेशन किसी लड़के के साथ था और वह दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे। मैंने तो यह उस दिन देखा जब मधु फोन पर बात कर रही थी और वह बहुत खुश थी मैंने उसकी बात सुन ली और उन लोगों ने शायद मिलने का फैसला किया था जब वह दोनों एक दूसरे से मिले तो मैंने उन्हें देख लिया मेरा दिल टूट चुका था और मैं बहुत दुखी था लेकिन मैंने यह बात किसी को नहीं बताई। मेरे और मधु की बीच में बहुत अच्छे संबंध थे हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते थे लेकिन मेरे दिल में जो जगह उसके लिए पहले थी वह जगह अब नहीं है क्योंकि मुझे लगा था शायद मैं अपने दिल की बात मधु से कहूंगा लेकिन जब मुझे पता चला कि उसका किसी लड़के के साथ अफेयर चल रहा है तो मैंने अपने दिल से मधु का ख्याल निकाल दिया। अब मैं अपने जीवन में व्यस्त हो चुका था और उससे कम बात करने की कोशिश किया करता था इसके लिए मैं कुछ ना कुछ करता रहता था जिससे कि मैं अपने आप को व्यस्त रख सकूं लेकिन जब भी मेरे सामने मधु का चेहरा आता तो मुझे अंदर से एक अलग ही फीलिंग आती और ऐसा लगता जैसे कि मेरे साथ न जाने कितना बुरा हुआ हो परंतु मधु किसी और से प्यार करती थी और मैं नहीं चाहता था कि मैं अब उसे अपने दिल की बात कहूं।

कुछ दिनों बाद मधु उदास रहने लगी मैंने उसे उदास रहने का कारण पूछा तो उसने मुझे कुछ नहीं बताया मेरे दो बार पूछने पर भी उसने कोई जवाब नहीं दिया मुझे समझ नहीं आया कि मधु इतनी उदास क्यों है उसके चेहरे पर उदासी मैं कभी देख नहीं सकता था इसलिए मैंने उसे कहा हम लोग लंच टाइम में मिलते हैं। हम लोग जब लंच में मिले तो उसका मूड कुछ ठीक नहीं था मैंने मधु से पूछा तुम्हारा मूड ठीक नहीं है तो वह कहने लगी सर आपको क्या बताऊं बस कुछ परेशानियां चल रही हैं मैंने मधु से कहा तुम्हारे जीवन में भला क्या परेशानी चल रही है वह कहने लगी मैं जिस लड़के से प्यार करती हूं उससे मेरे घरवाले मेरी शादी नहीं करना चाहते उन्होंने मेरे लिए कोई और लड़का ही चुना है लड़का मेरे पिताजी को इतना पसंद है कि उससे वह मेंरी शादी करना चाहते हैं। मैंने मधु से कहा तुम अपने फैसले लेने के लिए स्वतंत्र हो और तुम अपनी मर्जी से जिससे चाहो उससे शादी कर सकती हो। मधु मुझे कहने लगी राघव सर हर कोई आपकी तरह नहीं सोचता और हर कोई आपकी तरह अच्छा भी नहीं होता, मैंने अपने पापा से इस बारे में बात की थी लेकिन वह तो कुछ सुनने को तैयार ही नहीं है और ना ही मेरी बात मानने को तैयार हैं उन्होंने तो मुझे साफ तौर पर सख्त लहजे में कह दिया कि जहां मैं चाहूंगा वही तुम्हारी शादी होगी और उसके अलावा यदि तुमने कभी किसी और जगह शादी करने के बारे में सोचा तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा इसलिए मैं बहुत ज्यादा टेंशन में हूं। मैं जिससे प्यार करती हूं उसी से मैं शादी करना चाहती हूं और मैं उसके बिना जी नहीं सकती, मैंने मधु से कहा तुम इतनी समझदार हो और तुम इतनी छोटी बात पर उदास हो रही हो तुम यह कैसे सोच सकती हो कि तुम उसके बिना नहीं जी सकती हो किसी के चले जाने से कभी जीवन खत्म नहीं हो जाता उसके बाद भी हम अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जी सकते हैं।

मधु मुझे कहने लगी लेकिन आप यह कैसे कह सकते हैं आपके साथ तो कभी ऐसा कुछ नहीं हुआ होगा। मैं अपने मन में सोचने लगा मधु को मैं इतने सालों से चाहता हूं लेकिन मैं उससे अपने दिल की बात कभी कह ना सका और उसके बाद जब मैं उसे अपने दिल की बात कहना चाहता था तो मुझे पता चला कि वह किसी और से प्यार करती है लेकिन मैं यह बात उसे नहीं कह सकता था। मैंने उसे कहा मैं भी किसी लड़की से प्यार करता था उसे मैंने भी खोया है लेकिन इसका मतलब यह तो नहीं कि मैं अब उसी बारे में सोचता रहूं। जब मैंने मधु से यह बात कही तो मधु कहने लगी आप सही कह रहे हैं मैंने मधु को बहुत समझाया उसके बाद मधु का उस लड़के से कोई संपर्क नहीं था मधु ने सोच लिया था कि जहां उसके पिताजी कहेंगे वहीं वह शादी करेगी। एक दिन मधु ने मुझसे मेरा लैपटॉप मांगा और उसमें जब उसने अपनी तस्वीर देखी तो उसने उस वक्त तो मुझसे कुछ नहीं कहा लेकिन कुछ दिनों बाद उसने मुझसे कहा सर आप जिस लड़की से प्यार करते थे उसका नाम आपने मुझे नहीं बताया मैंने उसे कहा अब तो वह बात पुरानी हो चुकी है और अब मैं उसको भूल चुका हूं मैंने अपना नया जीवन शुरू कर लिया है और मैं अपने जीवन में बहुत खुश हूं। मधु मेरे पीछे ही पड़ गई और कहने लगी सर आपको उसका नाम बताना ही होगा मैंने उसे कहा तुम बार-बार एक ही बात को क्यों रिपीट कर रही हो तुम अब इस बात को भूल जाओ मैं भी भूल चुका हूं उसने मुझसे कहा क्या वह लड़की मैं हूं।

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