सिस्टर सेक्स: मेरी पहली चुदाई दीदी के साथ

ओह … वे तो मेरा लंड अंदर से पकड़ कर सहलाने लगी। मैं समझ गया कि दीदी अब चुदाई चाहती हैं… मैं और ज़ोर ज़ोर से उनकी चूची दबाने लगा। जितना जोर से मैं उनकी चूची दबाता था उतनी ही ज़ोर से वो मेरा लंड दबाती थी।

मैं तो मानो सपना देख रहा था- जिस लड़की को मैं बचपन से पसन्द करता था, वो मेरे लंड के साथ खेल रही थी।

फिर दीदी मेरे तरफ घूम गयी और मेरे लंड को पकड़ कर उस पे थूक लगाकर खूब मसल रही थी और मैं उनके गुलाबी गुलाबी होंठों को किस कर रहा था। कभी लिप्स, कभी कान, कभी गर्दन, कभी चूची का पूरा रस पीना चाह रहा था।

फिर दीदी ने इशारा किया- मैं तुम्‍हरा लंड चूसना चाहती हूँ।
मैं उठ कर खड़ा हुआ और अपने लंड को दीदी के मुँह के पास लगा दिया। दीदी तो मानो पागल हो गयी मेरा लंड पाकर … उसे मुँह में अंदर तक लेकर चूसने लगी।
फिर मैं दीदी के मुँह में ही झड़ गया। दीदी मेरे पानी को पूरा का पूरा पी गयी…

फिर मैं दीदी को चित लिटा कर अपनी बहन की चुत के रस को पीने लगा। जैसे ही मैंने उसकी चुत पर हाथ रखा.. आह.. क्या चुत थी दीदी की एकदम मक्‍खन। फिर मैं दीदी के चुत को जैसे ही जीभ से टच किया वो खुद ब खुद अपनी गांड ऊपर कर चुसवाने लगी और अपने मुँह से आह.. आह.. की आवाज निकालने लगी।
मैं दीदी की चुत को बहुत प्यार से चूस रहा था जैसे आइसक्रीम हो…

दीदी आहें भरे जा रही थी और मैं उनकी चुत चूसे जा रहा था- आह अह आह और पीहू और चूसो.. मेरी चुत को.. और..
दीदी की मस्‍त सिसकारी के साथ मैं अपनी दीदी की प्यारी चुत को चाट रहा था।

तभी दीदी ने मेरे सर को अपनी चुत पर दबोच के अपना पानी छोड़ दिया।
मैं भी दीदी का पानी पी गया पूरा का पूरा और दीदी को अपने ऊपर लाकर कर अपने लंड को दीदी के चुत पर सेट किया और अंदर घुसाने लगा तो मुझे हल्का हल्का सा दर्द होने लगा.

तो मेरी सिस्टर ने पूछा- तूने कभी सेक्स नहीं किया है ना किसी लड़की के साथ?
मैं- आपको कैसे पता?
दीदी- भाई मेरे … पहली बार सेक्स में दर्द होता है, समझा मेरे स्वीटू।
मैं- तो क्या, आपको भी दर्द हुआ था दीदी?
तो वे बोली- हाँ, मेरी में से तो खून भी निकला था।
मैं- दीदी, तो आप रोई होंगी ना?
दीदी- हॉं बहुत। पर कुछ देर बाद मज़ा आने लगता है जैसे तुझे भी आने लगेगा।
मैं- दीदी आई लव यू।
दीदी- आई लव यू टू, मेरे जाना!

मैं हल्का हल्का दीदी के चुत में लंड डालने लगा तो पता चला साला जान निकल जाएगी। दीदी की चुत काफी कसी थी और मेरा लंड मोटा था। इसलिए बहुत मुश्किल से जा पा रहा था।
मैं दीदी से बोला- दर्द हो रहा है!
तो दीदी बोली- होता है जानू … आँखों बंद करो, फिर देखो क्या होता है…

मुझे आँखें बंद करवा कर दीदी ने नीचे लिटा दिया। मेरी अक्षरा जैसी दीदी मुझे अपनी चूची पिलाते हुए मेरे लंड पर धीरे धीरे बैठने लगी।
जब मैंने देखा तो पता लगा कि मेरा लंड आधा दीदी के चुत में धँसा हुआ है और दीदी अपने मुँह पर हाथ रखे आह भर रही है। शायद उसको डर था कि अरु ना जाग जाये। दीदी मेरे ऊपर ऐसे ही 15 मिनट तक सवारी करती रही फिर खुद नीचे होकर और मुझे ऊपर चढ़ कर चोदने को कहा।

मैंने दीदी की टांगों को अपने कंधे पर रखा और एक ही बार में पूरा का पूरा 8 इंच का लंड दीदी के योनि में घुसा दिया जिससे दीदी के मुँह से हल्का सी चीख भी निकली पर दीदी ने उसे अपने अंदर ही दबा लिया।

फिर मैं बहुत तेज़ी से दीदी को चोदने लगा जिससे दीदी भी खूब मज़े लेने लगी।

दीदी मस्‍त होकर बोल रही थी- पीहू मेरे भाई … और तेज़.. जानू! आज से मैं तुम्हारी हूँ.. जी भर के चोदो।

फिर एक पल के लिए दीदी ने मुझे पकड़ लिया और बोली- मेरा हो गया। तुम भी अपना पानी निकाल दो जल्दी से!
तो मैं दीदी से बोला- दीदी, मुझे आपकी गांड मारनी है अब।
दीदी बोली- नहीं, यहाँ तो तेरे जीजा का भी नहीं जाता है तो तेरा कैसे चला जायेगा?
तो मैं बोला- दीदी, वो साला कुत्ता, वो क्या जाने कि गांड कैसे मारी जाती है।
पर दीदी नहीं मानी तो मैं बोला- दीदी, बिलकुल दर्द नहीं होगा।
तो वह बोली- अगर दर्द हुआ तो तुम्हारी गांड फाड़ दूंगी!
मैंने कहा- ओके!

मैं नंगा ही रसोई में गया और वहाँ से तेल का डिब्बा लाकर दीदी की गांड पर तेल लगाया और पहले एक उंगली गांड के अंदर डाली, फिर दो उंगली।
तब जाकर दीदी को मज़ा आना शुरू हुआ और बोली- पीहू, जल्दी कर बाबू, चोद मुझे जल्दी से।

फिर मैं अपने लंड पर तेल लगा कर धीरे धीरे दीदी की गांड पर सहलाने लगा, फिर हल्का सा जैसे ही अंदर डाला दीदी आगे को होकर बोली- नहीं जाएगा।
पर मुझे दीदी की गांड मारनी ही थी तो मेरी ज़िद के आगे दीदी ने खुद ब खुद मेरा लंड पकड़ कर अपने गांड के छेद पर रख कर बोली- चल जोर लगा।

मैं उसकी 38 इंच का गांड पकड़ कर एक ही बार में आधा लंड दीदी की गांड में डाल दिया। दीदी अपना मुँह नीचे कर के रोने लगी और बोली- पीहू, निकाल अपना लंड!
पर मैं नहीं माना और उसकी चूची पीछे से हाथ बढ़ा कर दबाने लगा।

कुछ देर बाद दीदी खुद ब खुद अपनी गांड को आगे पीछे करने लगी। फिर मैं भी उसकी गांड को किस किया और दनादन चोदने लगा।
दीदी आह आह कर रही थी और बोल रही थी- और.. और ज़ोर से.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… पीहू और.. आह.. आह।

फिर मैंने दीदी के मुँह में लंड डाला और दीदी के मुँह में झड़ गया।

रात को 2:47 मिनट हो रहे थे। इसका मतलब मेरा पहला सेक्‍स 1 घंटा से भी अधिक देर तक चला था।

उसके बाद हम दोनों नंगे ही साथ में सोये। निक्की दीदी ने बाद में अपनी सहेलियों को भी मुझसे चुदवाया। वह कहानी बाद में लिखूँगा।
तब तक के लिए विदा।
कैसी लगी मेरी सच्ची सिस्टर सेक्स स्टोरी? मुझे ईमेल करिये.

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