नाना ने मेरी गॅंड डाला लोडा

हेलो दोस्तो, आज मई आपके लिए ला रहा हू, एक गे स्टोरी. मेरा नाम अरबाब है और मेरी आगे 19 साल है. आज मई जो आपको स्टोरी बताने जेया रहा हू, वो मेरी अपनी है. ये पिछले साल की बात है. मई एक चब्बी सा लड़का था. मेरी थाइस और गांद काफ़ी मोटे थी.

मई एक जॉइंट फॅमिली मे रहता था. फॅमिली मे सिर्फ़ मई एक लड़का था, और बाकी या तो लड़किया थी, या कुछ के बच्चे नही थे. अब मेरी कज़िन्स सारी फीमेल थी और इक-लौटा बेटा होने की वजह से मई काफ़ी पॅंपर्ड था.

हर कोई मुझे बहुत प्यार करता था. लेकिन सबसे ज़्यादा मेरे नाना मुझे प्यार करते थे. अब वो मेरे सग्गे नाना नही थे. लेकिन मई उनको नाना ही कहता था. नाना की आगे 60 प्लस थी. पेट निकला हुआ था उनका, और लंबी हाइट थी.

दिखने मे बहुत शरीफ लगते थे वो, पर थे बहुत हरामी. लेकिन मई उल्टा था. मई बहुत शर्मीला था और शरीफ भी था. मेरी पर्सनॅलिटी थोड़ी लड़कियो जैसी हो गयी थी, क्यूकी मई अपने दिन ज़्यादातर उनके साथ गुज़ारता था.


नाना काफ़ी शराब पीते थे. लेकिन ये बात किसी को नही पता थी. सिर्फ़ मुझे पता थी ये बात. नाना के पास एक फ्लॅट था, लेकिन वो वाहा रहते नही थे. वो उस फ्लॅट को सिर्फ़ तब इस्तेमाल करते थे, जब उनको शराब पीनी होती थी. वाहा अक्सर वो दोस्तो के साथ मिल कर शराब पीते थे.

लेकिन जब वो अकेले होते थे, तो मुझे वाहा ले जाते थे. एक दिन हम दोनो उनके फ्लॅट पे बैठे थे. नाना शराब के नशे मे थे और हम बैठे टीवी देख रहे थे. हम साथ-साथ बाते भी कर रहे थे. तभी ग़लती से उनके हाथ से शराब का ग्लास गिर गया, और सीधा मेरे कपड़ो पे पद गया.

अब ये प्राब्लम ये थी, की अगर किसी ने कपड़ो से दारू स्मेल कर ली, तो मई फ़ासस जाता. तभी नाना बोले-

नाना: अरबाब, बेटा जल्दी से वॉशिंग मशीन मे कपड़े डाल दो. वरना निशान नही जाएगा.

मई: लेकिन नाना मई क्या पहनु?

नाना: अर्रे कोई बात नही. नंगे ही बैठ जाओ सुबा तक.

मई: नही नाना, मुझे शरम आती है.

नाना: शरमाना कैसा? बचपन से तुम्हे नंगा देखा है मैने. चलो जल्दी करो.

आख़िर मई बातरूम मे गया और कपड़े उतार दिए. फिर मई टवल लपेट कर बाहर आ गया. अब नाना की नज़र जब मेरे बूब्स और गोरी-गोरी और थिक थाइस पे पड़ी, तो उनका लंड टाइट होने लगा. मई उनको बिल्कुल एक लड़की जैसा दिख रहा था.

मई उनके साथ बैठने लगा, तो उन्होने मेरा हाथ खींच कर मुझे अपनी गोद मे बिता लिया. नाना ने मुझे हग कर लिया और मैने भी उनको टाइट्ली हग कर लिया. अब नाना की नीयत दूसरी थी. लेकिन मुझे तो बस यही लगा, की वो मुझे प्यार कर रहे थे.

अब नाना मेरी स्मूद चेस्ट पे हाथ घुमा रहे थे. मुझे अजीब सी फीलिंग आ रही थी. मई ये नही बोलूँगा, की वो गंदी फीलिंग थी. लेकिन पता नही क्यू, मुझे अछा लग रहा था. फिर नाना मेरे निपल्स पे उंगली घुमाने लगे और इस फीलिंग से पता नही क्यू मेरे लंड मे हुलचल होने लगी.

मई उस टाइम शरीफ था और मूठ भी नही मारता था. सुबा- सुबा मेरा लंड खड़ा होता था, लेकिन ये तक नही पता था, क्यू होता था. फिर नाना आहिस्ता-आहिस्ता मेरे जिस्म के मज़े ले रहे थे और मुझे गाल पे किस कर रहे थे.

वो मुझसे भी बार-बार किस माँग रहे थे. जब नाना का हाथ मेरी टाँगो पर आया, तो मेरे जिस्म मे तो जैसे करेंट दौड़ने लगा. मेरा लंड टाइट होने लगा और मुझे शरम आ रही थी. फिर मई उठने लगा, तो उन्होने मेरा टवल खींच दिया. अब मई उनके सामने बिल्कुल नंगा खड़ा था.

मई: नाना टवल वापस दो, मुझे शरम आ रही है.

नाना: अर्रे शरम कैसी? अछा ये लो टवल.

मई: बस शरम आती है मुझे.

नाना: शरमाओ मॅट, हम दोनो मर्द ही तो है. और यहा कोई और भी नही है.

मई: हा वो तो सही है. लेकिन फिर भी मुझे शरम आती है. आप कपड़े पहन कर बैठे हो, और मई नंगा.

नाना: मई भी नंगा हो गया, तो शरम नही आएगी तुम्हे?

मई: पता नही, मैने किसी और को नंगा नही देखा.

नाना: लो आओ देख लो.

मई: नही नाना, मुझे अजीब लगेगा.

नाना: अर्रे आओ मेरी पंत उतारो. तुम्हे असली मर्द दिखता हू.

फिर मई थोड़ी देर वही बैठा रहा और मई नाना से आँखें नही मिला रहा था. नाना अब मुझे घूर रहे थे. फिर नाना ने मेरा हाथ अपनी पंत पे रखा और मुझे पंत खोलने को बोला. सच बतौ, तो मई भी देखना चाहता था, की असल मर्द मे अलग क्या होता है.

थोड़ी हिम्मत करके मैने उनकी पंत खोली और नीचे कर दी. उनका लंड अंडरवेर मे फ़ससा हुआ था. नाना अपनी शर्ट खुद उतार रहे थे. अब मई टवल मे था और नाना अंडरवेर मे थे. फिर उन्होने मेरा टवल खींच के रूम के दूसरे कोने मे फेंक दिया.

मेरी शरम आहिस्ता-आहिस्ता ख़तम हो रही थी. मैने नाना के अंडरवेर को आहिस्ता-आहिस्ता नीचे किया और फिर उनका साँप जैसा लंड उछालता हुआ बाहर निकला. मेरी बाजू के साइज़ का लंड था उनका. 8-9 इंच का साइज़ था उनके लंड का और रंग काफ़ी डार्क था. उनका लंड बिल्कुल हार्ड और टाइट था.

नाना: देखो ये होता है असली मर्द.

मई: नाना ये तो इतना बड़ा है, लेकिन मेरा इतना तो छ्होटा है.

नाना: तुम्हारी आगे के साथ-साथ तुम्हारा लंड भी बड़ा हो जाएगा.

मई: अछा तो मई जैसे बड़ा होऊँगा, तो ये भी बड़ा होगा?

नाना: हा बेटा. वैसे एक बात बतौ. तुम्हे मर्द नही बनना चाहिए.

मई: क्यू?

नाना: तुम्हारा जिस्म मर्द बनने के लिए नही, बल्कि मर्द को खुश करने के लिए बना है.

मई: मई कुछ समझा नही.

नाना: आओ मई समझता हू

फिर वो उठे और द्वड प्लेयर मे एक सीडी डाल दी. उसके बाद वो मेरे साथ चिपक कर बैठ गये. मोविए स्टार्ट हुई, और दो मर्द थे उसमे. एक मर्द लंबी हाइट का था और दूसरा छ्होटी हाइट का था. नाना ने मुझे अपनी गोद मे बैठने के लिए बोला और मैने वैसा ही किया.

उनका हार्ड लंड मेरी गांद के नीचे फील हो रहा था. मोविए भी साथ-साथ चल रही थी. आहिस्ता-आहिस्ता मोविए मे वो कपड़े उतारने लगे और फिर उन्होने किस्सिंग शुरू कर दी. मई ये देख कर हैरान हो गया.

फिर छ्होटे आदमी ने बड़े आदमी का लंड चूसा और अपनी गांद मे डालने लगा. मेरा लंड भी टाइट हो गया था ये सब देख कर. वो 40 मिनिट की वीडियो थी और पूरी मोविए के दौरान मेरा लंड टाइट था. मेरा प्रेकुं अब लीक कर रहा था. फिर नाना बोले-

नाना: देखो ये लड़का भी तुम्हारी तरह है. लेकिन तुम इससे ज़्यादा प्यारे हो.

मई: ये ऐसे क्यू कर रहे है?

नाना: इसमे बहुत मज़ा आता है ना.

मई: मज़ा कैसे?

नाना: छ्होटा लड़का बड़े लड़के को खुश कर रहा है.

मई: अछा?

खैर इसके बाद नाना ने 2 पेग और लगाए और तब तक मई दूसरे रूम मे जाके सोने लगा. लेकिन मुझे नींद कैसे आती. थोड़ी देर बाद मेरे फोन पे मेसेज आया. वो मेसेज नाना का था, जो दोसरे रूम मे थे.

नाना: ई लोवे योउ अरबाब बेटा

मई: ई लोवे उ टू नाना जी.

नाना: बेटा अगर तुम मुझे प्यार करते हो, तो मुझे खुश करो ना. जैसे वीडियो मे वो लड़का दूसरे लड़के को कर रहा था.

इस मेसेज का मैने कोई रिप्लाइ नही दिया. फिर मैने 15-20 मिनिट तक सोचा. पता नही क्यू, वो वीडियो देखने के बाद मेरा भी दिल कर रहा था ट्राइ करने का. आख़िर मई उठा और नाना के रूम मे गया. वो वाहा टांगे फैला कर लंड मसल रहे थे.

वो मुझे देख कर बहुत खुश हुए, और उन्होने मुझे उपर आने का इशारा किया. मैने टवल उतारा और बेड पे चढ़ गया. नाना ने मुझे खींच कर अपने उपर लिटा दिया और मुझे किस करने लगे. शुरू मे मुझे तोड़ा अजीब लगा.

उनकी ज़ुबान मेरे मूह मे जेया रही थी. लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता मुझे मज़ा आने लगा. 15-20 मिनिट किस्सिंग के बाद, नाना ने मेरे बूब्स चूसने शुरू कर दिए. अफ.. क्या मज़ा आ रहा था. मेरे निपल अब लाल हो गये थे. फिर नाना ने पूछा-

नाना: मेरा लंड मूह मे लोगे?

मई: नही बिल्कुल नही. ये तो गंदा है.

नाना: अर्रे उस लड़के ने भी तो लिया था.

मई: लेकिन..

नाना: लेकिन-वेकीन कुछ नही, प्लीज़ ना. तुम प्यार करते हो ना मुझसे.

आख़िर मई उनके लंड के पास गया. उनके लंड से प्रेकुं लीक हो रहा था. मैने आँखें बंद करके मूह खोला और लंड मूह मे ले लिया. तभी नाना ने ज़ोर से मोन किया. मैने जैसे ही उनका प्रेकुं टेस्ट किया, तो बहुत मीठा-खट्टा टेस्ट था.

मुझे ये टेस्ट काफ़ी मज़ेदार लगा था. आहिस्ता-आहिस्ता मई उनका लंड चूसने लगा और पॉर्न वीडियो मे जैसे कर रहे थे, वैसा ही कॉपी कर रहा था. नाना का लंड बहुत बड़ा था. तो वो पूरा मूह मे नही जेया रहा था. लेकिन फिर भी नाना को बहुत मज़ा आ रहा था.

नाना ने मुझे उठ कर 69 पोज़िशन मे कर दिया. फिर वो मेरे लंड को चूसने लगे. अफ.. क्या मज़ा था. फिर उन्होने मेरी गांद का होल चाटना शुरू कर दिया. मई तो मज़े से पागल हो रहा था. कुछ समझ नही आ रहा था, मई इतने मज़े मे था. मई भी जोश से उनका लंड चूस रहा था.

नाना ने फिर मुझे रोका और बातरूम से आयिल की बॉटल लेके आए. उन्होने मुझे सीधा लिटा दिया और मेरी गांद उठा कर नीचे पिल्लो रख दिया. फिर उन्होने मेरे लंड और होल पे काफ़ी आयिल लगाया. उन्होने अपने लंड पे भी आयिल लगाया.

फिर उन्होने अपना लंड मेरे होल पे सेट किया और आहिस्ता-आहिस्ता घुसाने लगे. मेरी वर्जिन गांद थी, तो उनका लंड स्लिप हो रहा था. उन्होने ज़ोर लगाया और उनका टोपा अंदर घुस गया. और मई दर्द से उछाल पड़ा.

मई: आई… ुआ.. बहुत दर्द हो रहा है नाना.

नाना: बेटा शुरू-शुरू मे तोड़ा दर्द होगा. फिर सेट हो जाओगे.

मई: नही नाना, बहुत दर्द हो रहा है.

नाना: बेटा मई अब रुकने वाला नही.

ये बोल कर उन्होने मुझे कस्स के पकड़ लिया और लंड वापस घुसाने लगे. मैने काफ़ी माना करने की कोशिश की, लेकिन वो नही माने. जैसे ही उनके लंड का टोपा वापस घुसा, तो मुझे ज़ोरदार दर्द हुआ. मई उसी वक़्त चीख पड़ा.

उन्होने मेरे हाथ पकड़े और अपने होंठ मेरे होंठो पे रख दिए. फिर आहिस्ता-आहिस्ता लंड अंदर घुसाते गये. उनका लंड मेरी वर्जिन गांद चीरता हुआ घुस रहा था. मई दर्द मे मॅर रहा था और मेरी आँखों से आँसू आ रहे थे.

नाना मेरे होंठ चूस रहे थे और नीचे गांद मार रहे थे. 20-25 मिनिट तक मेरी दर्दनाक चुदाई हुई. लेकिन आहिस्ता-आहिस्ता मेरा दर्द कम हो रहा था. मैने भी अब रोना बंद कर दिया था. नाना ने भी आहिस्ता-आहिस्ता चुदाई की स्पीड बढ़ा दी.

फिर नाना किस तोड़ कर मेरे निपल्स चूसने लगे और आहिस्ता-आहिस्ता मुझे भी मज़ा आ रहा था. फिर उन्होने मुझे उल्टा करके डॉगी-स्टाइल पोस्टीओं मे कर दिया और वापस लंड घुसा दिया. मैने ज़ोर से आ की, लेकिन ये दर्द वाली आ नही थी, बल्कि मज़े वाली आहह थी.

उन्होने स्पीड से झटके दिए और मेरी गांद पे . मारने लगे. उनका लंड अब होल के अंदर-बाहर जेया रहा था, तो बहुत मज़ा आ रहा था. थोड़ी देर के बाद मेरे लंड से कम . हुआ निकालने लगा.

नाना: ये देखो तुम्हारा पानी निकल रहा है. मज़ा आ रहा है ना?

मई: ह्म … … आ… आ रहा है.

नाना: मई . रोज़ करूँगा. . . ना?

मई: जी.. आ.. … रोज़.. करने.. आ.. …

नाना भी अब फारिघ् होने वाले थे. वो मुझे स्पीड से छोड़ने लगे और फिर मुझे अपनी गांद मे उनका गरम-गरम कम . हुआ फील हुआ. मेरी गांद पूरी भर दी थी उन्होने. उन्होने लंड निकाला और काफ़ी सारा कम लीक होने लगा.

मई तक चुका था और वही बेड पे लेट गया. मैने अपनी आँखें बंद कर ली, और थोड़ी देर बाद मई सो ही गया. सुबा जब मेरी आँखें खुली, तो नाना मेरी टांगे उठा कर गांद मार रहे थे. अफ.. क्या मज़ा आ रहा था.

वो मेरे लंड को भी हिला रहे थे. नाना ने 20 मिनिट मुझे छोड़ा और मुझे भी फारिघ् कर दिया. उन्होने खुद भी अपना माल मेरे मूह मे निकाल दिया. पानी निकाल कर नाना बोले-

नाना: पूरा पी जेया, ये तेरा नाश्ता है.

मई उनका पूरा पानी पी गया. अब मुझे भी अजीब नही लग रहा था. उसके बाद हम दोनो ने एक साथ शवर लिया और घर चले गये. फिर वो मुझे डेली फ्लॅट पे लेके आते थे और छोड़ते थे.

अब हम फ्लॅट नही जाते थे, तो मई उनके रूम मे गांद मरवाता था. आख़िर मे नाना ने मुझे अपने शराबी दोस्तो के सामने भी पेश किया, और उन सब ने मिल कर मेरी गांद मारी. उन्होने मुझे छोड़-छोड़ के पक्का गान्डू बना दिया. आज भी गांद मरवाए बगैर मुझे सुकून नही मिलता.