रंडी क्लासमेट ने मुझे कॉलबाय बनाया

दोस्तो, मैं रवीश कुमार, आप सब लोगों ने मेरी पिछली कहानी
मेरी क्लासमेट कॉलगर्ल के रूप में मिली
को बहुत पसंद किया। बहुत सारे मैसेज आए जिसमें बहुत लोगों ने कहानी की तारीफ की, लेकिन सब यही कहते हैं कि उनको सोनाली को चोदना है।
लड़कियां और भाभियों ने अच्छा रिस्पांस दिया है, सबको कहानी बहुत अच्छी लगी और उन्होंने अपने मर्दों को खुश किया.
लेकिन उन्होंने शिकायत भी की है कि कहानी में लड़की खुश नहीं हुई है।
तो चलो इस कहानी में लड़की को खुश कर देते हैं।

सोनाली और उसकी रूममेट्स की चुदाई के बाद मैं उनके साथ लगातार बात करता रहा, मिलता रहा।

एक दिन सोनाली ने मुझे कॉल किया और मुझे अपने एक पुराने क्लाइंट के साथ ग्रुप सेक्स ऑफर किया। उसने मुझे बताया कि चार लोग रहेंगे, मैं, सोनाली, उसका क्लाइंट सौरभ 45 साल का और उसकी बीवी मालविका 34 साल की।

मुझे सुन कर थोड़ा अजीब लगा, मैं मना करने लगा तो सोनाली ने बताया कि उसे एक मोटी रकम मिल रही है इसके लिए … और मेरे लिए एक सरप्राइज भी है और मुझे बहुत मजा आने वाला है। फिर उसने मुझे मालविका की फ़ोटो भेजी, मालविका बहुत हसीन लग रही थी।
मालविका का हरा भरा शरीर मुझे बहुत पसंद आया। मैं तैयार हो गया, रविवार का प्लान बना।

रविवार मैं सोनाली से मिला और उसके साथ मालविका के घर जाने लगा तो सोनाली ने मुझे मालविका और सौरभ के बारे में बहुत कुछ बताया। सौरभ और सोनाली पिछले तीन साल से चुदाई का मजा ले रहे थे, उसके बाद मालविका ने भी दोनों को जॉइन कर लिया था, अब तीनों थ्रीसम का मजा लेते थे।

अब हम लोग मालविका के घर पहुँच गए, वो लोग रईसों की सोसाइटी में रहते थे।

सोनाली ने फ्लैट पर पहुँच कर घण्टी बजायी, मालविका ने दरवाजा खोला. मालविका ने सोनाली को गले लग कर वेलकम किस किया।

शायद मालविका सो कर उठी थी. उसने एक सेक्सी नाइटी पहनी हुईं थी, उसके साइज 38 के बूब्स आधे बाहर दिख रहे थे. पारदर्शी नाइटी थी मालविका का आधा अंग भी दिख रहा था। उसने मैचिंग कलर का ब्रा और पैंटी भी पहनी हुई थी।

सौरभ अभी भी सो रहा था तो सोनाली उसके बैडरूम में जाकर उसे उठाने लगी और मुझे इशारा किया कि मालविका से बात करूं।

मालविका बाथरूम चली गयी थी और सोनाली सौरभ के पास …

मैं हॉल में बैठा था तभी मालविका बाथरूम से निकली और मुस्कुराते हुए हाय कहा।
मैंने भी हाय कहा और बात को आगे बढ़ाते हुए अपना परिचय दिया, उसने भी अपना नाम बताया।
उसने ब्रश करने के लिए ब्रश उठाया तो मैंने कहा- मैं ब्रश करा दूँ क्या?
कुछ पल सोच कर उसने भी शरमाते हुए हाँ में इशारा किया।

मैं मालविका के पास गया और उसके हाथ से ब्रश और पेस्ट ले लिया, उसके पीछे चिपक के खड़ा हो गया जिससे कि मेरा लंड उसकी चूत में सट रहा था। मैंने अपने अंगूठे पे कोलगेट को लगाया और उसके मुंह के पास ले गया उसने मुँह खोल के अंगूठे को घुसने दिया।

मैंने अंगूठे से पेस्ट को दांत पे लगा दिया और उंगली से दांत को घिसने लगा, बीच बीच में अंगूठा को घुसा देता जिसे वो लंड समझ के चूस रही थी, दांत से काट रही थी।

मालविका पूरी मदहोश हो रही थी, उसने अपनी आंखें बंद कर रखी थी, वो मुझे अपनी बांहों में जकड़ रही थी।

मैंने उसे ब्रश कराया उसके मुँह को पानी से धोया, तौलिये से पौंछ दिया, मालविका बहुत खुश लग रही थी।

दोस्तो, लड़कियों को थोड़ा प्यार दो, वो तुम्हें ज्यादा प्यार देगी और प्यार से देगी। लड़कियों को लण्ड के साथ, हाथ और होंठ से प्यार करो।

अब हम दोनों बेडरूम की तरफ गए जहाँ सौरभ और सोनाली कम्बल में घुसे हुए थे, दोनों एक दूसरे के साथ हँसी मजाक कर रहे थे।

हम सब बैठ कर बातें कर थे, सौरभ ने मालविका को चाय बनाने को बोला।
वो उठकर चली गयी.

मैं भी जाना चाहता था लेकिन नहीं गया.
फिर मालविका ने मुझे आवाज़ दी तो मैं किचन के तरफ गया, वो चाय बना रही थी। वो मुझे देखकर नई दुल्हन की तरह शर्माने लगी.

मैंने उसे पीछे से बांहों में भर लिया और गर्दन पे किस करने लगा।

वो चाय बनाने में व्यस्त होने का दिखावा करने लगी. मैं अपने दोनों हाथों से उसके पेट को पकड़ के सहला रहा था। मेरा लण्ड उसके गांड की दरार में फस गया था।

मैं उसके गांड को लण्ड से सहला रहा था और गर्दन को किस कर था। मालविका की साँस बहुत तेज चल रही थी. इतने देर में चाय बन चुकी थी, हम लोग अलग हो गए और बेडरूम में चले गए.
सबने चाय और स्नैक्स खाये।

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