फाइव स्टार होटल की स्टाफ लड़कियों की चुदाई-2

मेरी गर्लफ्रेंड की सीनियर लड़की मुझ पर फ़िदा हो गयी. मैंने उसे चोद दिया. मेरी गर्लफ्रेंड चिढ़ कर हमारी सेक्स विडियो बनाकर ब्लैकमेल करने लगी. तो हमने उसका क्या इलाज किया?

अब तक इस चुदाई की कहानी के पिछले भाग
फाइव स्टार होटल की स्टाफ लड़कियों की चुदाई-1
में आपने पढ़ा था कि मुझ पर मेरी सीनियर प्रिया नामक की लड़की फ़िदा हो गई थी और उसने मुझसे चुदकर मेरा प्रमोशन भी कर दिया था. इस प्रमोशन में मुझे अलग फ्लैट मिला था, जिसमें आज मैं अपने पुराने फ्लैट के साथियों के साथ एक पार्टी करने वाला था. आज की पार्टी में प्रिया और प्रीति दोनों आने वाली थीं.

अब आगे:

शाम के 8 बजने वाले थे और दोनों के आने का टाइम हो चुका था. मेरी पार्टी थी, तो मैंने सूट पहना था. मेरे दोनों दोस्तों ने जीन्स शर्ट पहनी थी.

तभी बेल बजी और दरवाजा खुला तो सामने दोनों कामदेवियां खड़ी थीं. प्रीति ने लाइट ग्रीन कलर का वेस्टर्न फ्राक पहना था. लग तो वो सेक्सी रही थी, पर मैंने सोचा कि आज तो इसकी पुंगी कोई और बजाएगा. प्रीति को देखकर मैंने उसे गले लगा लिया ताकि उसे किसी बात का कोई शक न हो.

प्रीति ने मुझसे पूछा- किस बात की पार्टी है?
मैंने कहा- पहले पार्टी एन्जॉय करो . फिर बताता हूं.

प्रिया मुझसे लंबी थी, लेकिन उसने जो ड्रेस पहनी थी . उसमें वो मुझे खुली दावत दे रही थी. उसने लाल वेलवेट रंग का चुस्त ड्रेस पहना हुआ था. उसमें से उसके मम्मों के पास से लेकर पैरों के घुटनों तक एक चैन लगी हुई थी. आस्तीन भी कुहनी तक थी. ये ड्रेस उसके फिगर को पूरा निखार रहा था. मेरे दोनों दोस्त भी प्रिया और प्रीति को देख कर लार टपका रहे थे.

प्रिया ने मुझे धीरे से आंख मार कर बीच की उंगली को मुँह में डाला. मैं सूट में था, लेकिन मेरा लंड अन्दर सीधा खड़ा हो गया था. मगर पैंट की बंदिश के कारण वो फंसा हुआ था. मुझे लगा जैसे लंड ने लार छोड़ दी हो.

प्रिया और प्रीति दोनों एक साथ बैठ गए थे. मेरे दोस्त टेबल पर खाना लगा रहे थे.

तभी प्रीति ने मुझसे पूछा- मैं कैसी लग रही हूँ?
मैंने कहा- बस पूछो मत . सेक्सी तो तुम हो ही . ऊपर से ये ड्रेस तुम्हें शोला बना रही है.

ये कह कर मैंने उसकी टांगों पर हाथ फिराना शुरू कर दिया.

तभी प्रिया ने कहा- और मेरी ड्रेस कैसी है?
मैंने कहा- खूबसूरत.
प्रिया ने छेड़ते हुए कहा- बस और कुछ नहीं.

मैं प्रीति को गले लगाने के बहाने उठा और उसकी पीठ की तरफ जाकर प्रिया को उंगली से चूत बनाकर जीभ डाल कर इशारा किया.
उसी हाथ से मैंने उसके मम्मों के पास ड्रेस में लगी चैन को हल्की खोल दी . ताकि चूचों की नाली दिखने लगे. उसकी ड्रेस से तो ऐसा लग रहा था, बस चैन खोलो और पूरी नंगी कर दो.

टेबल पर खाना लग चुका था. बियर और वाइन की चुस्कियों के साथ सबने खाना शुरू किया. उसके बाद मीठे की बारी थी . मतलब आइसक्रीम की. बस यहीं से कहानी वजूद में आ गई थी. मैंने उसकी आइसक्रीम में सेक्स बढ़ाने वाली दवा मिला दी थी.

प्रीति ने आइसक्रीम खाई और उसने कहा- मुझे कुछ अजीब सा लग रहा है.
मैंने उसकी बात समझते हुए कहा- रुको, मैं तुम्हें वाशरूम ले चलता हूं.

मैं उसे वाशरूम में ले गया. उसने मुँह पर छींटे मारे . और पलट कर मुझसे चिपक गई. उसकी वासना रंग लाने लगी थी. मैंने भी उसके होंठ से होंठ मिला दिए.

वो पीछे हटी और उसने कहा- खाने में कुछ था क्या?
मैंने कहा- आज मेरी तुम्हारी इस घर में फर्स्ट नाईट हो . बस मैं यही चाहता हूँ.

वो होश में तो थी . लेकिन थोड़ी मदहोश सी थी. मैं वाशरूम से उसे अपने रूम में ले गया. उधर कैमरे पहले से ही चालू थे. मैं उसे छोड़ कर इधर डाइनिंग पर आ गया.

मैंने देखा कि मेरा एक दोस्त, जो प्रिया को अपने नीचे लिटाना चाहता था, उससे फ़्लर्ट कर रहा था और प्रिया भी हंस रही थी.

मैंने बीच में टोका- प्रिया और बताओ!
प्रिया मेरी तरफ घूमी, तब तक मैंने दोनों को इशारा दिया. वो दोनों मेरे रूम में चले गए जहाँ प्रीति कामवासना में मदहोश पड़ी थी.

प्रिया ने पूछा- ये क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- क्या?
प्रिया ने कहा- ये गलत है.
मैंने कहा- प्रिया, बस उसे सबक सिखा रहा हूँ, मेरा कोई गलत इरादा नहीं है. तुम चिंता न करो, वो पहले भी ऐसा कर चुकी है. आज उसे दो तो क्या तीन भी कम पड़ेंगे.

इतना कहकर मैंने अपना कोट उतारा और टेबल के नीचे जाकर उसकी टांगों को सहलाने चूमने लगा. मैंने उसकी टांगों को हल्का सा फैलाकर चूत में एक उंगली को डाल दिया. उसने पैंटी नहीं पहनी थी, तो उंगली बड़ी आसानी से अन्दर चली गयी.

वो हल्का सा हिली, उसने टेबल को हाथों से जकड़ लिया. मैंने कुर्सी को पीछे की टांगों को फैलाकर उसे उठाया और टेबल पर बिठा कर उसके होंठों को चूसने लगा. उसके हाथ मेरी पीठ पर जम गए थे.

मैंने उसके होंठ थोड़े काटे, तो उसने मेरी शर्ट फाड़ दी. मैं नीचे बढ़ा और उसकी गर्दन पर चूमता हुआ, काटता हुआ और नीचे बढ़ने लगा.

उसने मेरी पीठ पर नाखून से खरोंच दिया मगर मैं रुका नहीं. उसके मम्मों की नाली में मैंने अपनी जीभ डाल दी और नाली से उसके सीने को चाटता हुआ अपने होंठ सीधे उसके मुँह से लगा दिए. वो बेकाबू होकर मेरे होंठों को चूमने लगी. मेरे हाथ अभी भी उसकी चूत को घायल कर रहे थे.

वो मेरी पीठ नौंच रही थी. मैं उसकी चूत को और गहरा करने में लगा था. तभी मैंने अपने दूसरे हाथ से उसकी ड्रेस की चैन खोल दी. उसने मम्मों पर केवल कप रखे थे . चैन खुलते ही वो नीचे गिर गए और उसके चूचे आजाद हो गए.

मैंने चूत में उंगली की स्पीड बढ़ाई, तो वो मचल उठी और उसने टेबल पर दोनों दोनों हाथों से टेक ले लिया. मैंने उसकी ड्रेस खोलते हुए उसके जिस्म के सामने भाग से हटा दी. अपना हाथ उसकी चूत से हटा कर दोनों हाथों से उसकी कमर दबा दी. फिर नीचे झुक कर उसकी चूत में मुँह लगा दिया और उसकी लंड के लिए लपलपाती चुत चाटने लगा. वो बेहद गर्मा गई और अगले 2 मिनट में वो मेरे मुँह में झड़ गयी.

मुझे उसका खट्टा रस भी मीठा सा लगा. मैं रुका नहीं और तेजी से जीभ डालता हुआ चुत के होंठों से चूसता रहा. मैं कभी अपनी जीभ से चुत की दोनों फांकों से रगड़ देता, तो कभी चूत में अन्दर डाल देता, कभी जीभ को गांड के छेद में फेर देता.

प्रिया की कामुक आवाजें बेहद तेजी से निकलने लगी थीं. मैंने आज पहली बार प्रिया की ऐसी तड़प देखी थी.

अब प्रिया इतनी गर्म हो चुकी थी कि मेरा लौड़ा उसकी चूत बजाने को तैयार था. मैंने प्रिया को खड़ा कर दिया. मैं उसके चूचों से थोड़ा ऊपर आ गया था. मैं उसके चुचे दबाने चूसने लगा. वो आहें भरते हुए अपनी ड्रेस को निकालने लगी. अगले ही पल उसने ड्रेस को नीचे डाल दिया.

अब मेरे सामने प्रिया एक कर्वी रांड की तरह एकदम नंगी खड़ी थी. मैं उसके संतरों को निचोड़ रहा था. उधर प्रीति रांड भी चुद रही थी. वो दो लौड़ों के साथ मजे ले रही थी. इधर प्रिया ने अपने हाथों से मेरी शर्ट फाड़ कर उतार दी और नीचे बैठ गई. उसने मेरी पैंट को जैसे ही उतारी, मेरा लंड हवा में उसके मुँह से लड़ने वाला था. तभी प्रिया ने मुँह खोल कर लंड अन्दर कर लिया और चूसने लगी.

उसके मुँह में मेरे लंड ने लार छोड़ दी थी. फिर उसने लंड को अपने चूचों के बीच ले लिया और मेरे लंड को रगड़ने लगी.

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