कॉलगर्ल की जगह चुद गई उसकी चाची

शबाना आंटी को मेरी बात जम गई, उन्होंने स्मिता आंटी से बोला तो वो नखरे करने लगी, बोली- नहीं मैं नहीं करूँगी. मेरे घर वाले को पता चल गया तो मेरी हालत खराब कर देगा।
मैं समझ गया कि स्मिता आंटी चुदवा सकती है पर इसको थोड़ा मनाना पड़ेगा।
शबाना आंटी ने बताया कि ये स्मिता आंटी उसी लड़की शालिनी की चाची हैं.

मैंने शबाना आंटी से बोला- हम इनके घर वाले को नहीं जानते, हम तो बतायेंगे नहीं, आप जानती हो तो आप भी मत बताना प्लीज।
शबाना आंटी बोली- ऐसी बात बताई नहीं जाती।

शबाना आंटी ने स्मिता आंटी से कहा- मिल लो यार, बहुत दूर से आये हैं। कौन तुम्हें अंदर आकर देख रहा है।

आखिर थोड़ा ज़ोर देने पर स्मिता आंटी मान गई और मेरा दोस्त उनको अंदर लेकर चला गया.

लगभग 15 मिनट बाद दोनों बाहर निकल आये।
स्मिता आंटी ने हाथ मुंह धोये, फिर वो मेरे साथ अंदर गई, अंदर जाकर उन्होंने दरवाजा बंद करते ही कंडोम निकाला और पहनाने लगी।
मैंने उनसे बोला- इतनी जल्दी किस बात की है, थोड़ा मूड तो बनाने दो।

फिर वो मान गई और मेरी बांहों में आ गई. मैंने उसके गाल पे किस किया, फिर उसके गले और गर्दन पर किस करते हुए उसको बेड पर लेटा दिया।
तब मैंने आंटी की सिल्की नाइटी को तुरंत निकाल दिया और मेरे कपड़ों को भी निकाल फेंका।

आंटी का गोरा बदन देखकर मेरा 8 इंच का लौड़ा तुरंत खड़ा हो गया, मैंने उसको किस करना शुरु किया, फिर मैंने उसके बूब्स अपने हाथों में लिए. मस्त मुलायम बूब्स थे उसके एकदम गोरे।
मैं आंटी के बूब्स दबाते हुए उसके पेट पर किस करने लगा. अब वो पूरी तरह से गर्म होने लगी थी.

पेट पर किस करने के बाद मैं पेट के नीचे वाले बिल्कुल मुलायम हिस्से पर चूमने चाटने लगा. आंटी की हालत खराब हो गई, वो पूरी तरह गर्म हो गई, मुझे अपने ऊपर खींच कर चूमने लगी, मेरे लण्ड पर कंडोम चढ़ाया और बोली- अब डाल दो यार!
मैंने भी ज्यादा देर करना ठीक नहीं समझा और उसकी टांगें फैला कर अपना लण्ड उसकी चूत में उतारना शुरू कर दिया।

दोस्तो, मुझसे पहले मेरा दोस्त उसे चोद चुका था, फिर भी उसकी चूत बहुत टाइट थी; उसकी आह निकल गई।
मुझे बड़ा अजीब लगा पर मज़ा भी बहुत आ रहा था। मैंने दनादन धक्के लगाना शुरू कर दिए। उसकी गद्देदार जांघों से मेरी जांघ टकरा रही थी जिससे फट फट की तेज आवाज आने लगी जो बाहर बैठे मेरे दोस्त और शबाना आंटी को सुनाई दे रही थी।

मेरे दोस्त ने मुझे बाद में बताया कि शबाना आंटी इस आवाज को सुनकर मुस्कुरा कर उससे पूछ रही थी- यह कैसी आवाज है?
तो मेरे दोस्त ने उसे जवाब दिया था- आंटी, मेरा दोस्त बहुत मंजा हुआ खिलाड़ी है इस मामले में।
शबाना ने कहा- ह्म्म्म … लग तो ऐसा ही रहा है।

चुदाई में स्मिता आंटी की सिसकारियां निकल रही थी। साथ ही आंटी मेरी पीठ पर हल्के हल्के हाथों से सहला रही थी जिससे मेरा जोश दुगुना हो रहा था।
अब मैंने आंटी को घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया। लगातार कई मिनट तक चोदने पर मेरा पानी निकला, तब तक आंटी 2 बार संतुष्ट हो चुकी थी।
मेरा पानी निकलने के बाद भी आंटी को मैंने एक बार और संतुष्ट क्या फिर आंटी से पूछा- मज़ा आया?
आंटी बोली- बहुत ज्यादा!

देर ज्यादा होने की वजह से हमने कपड़े पहने पैसे दिए और निकल आये।
आप सभी मित्र अपने विचार अवश्य दें कि मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी.

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