साहब बीवी और गुलाम की चुदाई की कहानी

आज की सेक्स कहानी बिल्कुल अलग सी है. एक 24 वर्षीय लड़का एक विवाहित युगल के बीच में फंस जाता है. फिर सेक्स का क्या सीन बना, आज आप उस रस का मजा लीजिएगा.

मैं अभिषेक 24 साल का हूं और नोएडा में गार्ड की नौकरी करता हूं. ये सेक्स कहानी अभी कुछ दिन पहले ही शुरू हुई.

जिस घर के बाहर मैं गार्ड की ड्यूटी करता था, वहां मेरे अलावा अन्य लोग भी काम करते थे. ये घर शर्मा जी का था, जो किसी कंपनी में कार्यरत थे और उनकी पत्नी भी जॉब करती थीं. काफी रईस परिवार था मगर उनका कोई बच्चा नहीं था.

ये दोनों 30 साल से ज्यादा के नहीं लगते थे. हमारी मैडम काफी सुंदर थीं, उनकी चूचियां बड़ी मोटी और भरी हुई थीं जबकि गांड सामान्य से कुछ ज्यादा ही उभरी हुई थी. कद की बात करूं तो वे दोनों ही लंबाई में दोनों सामान्य ही थे.

बात तब की है, जब मुझे उनके घर में काम करते हुए 4 महीने से ज्यादा हो गए थे. बाकी के स्टाफ से मेरी बातचीत होती रहती थी. मुझे उनके एक नौकर ने बताया कि वो कई सालों से यहां कार्यरत है. मैंने उससे मैडम के बारे में जानने की कोशिश की, तो उसने बताया कि मैडम काफी सेक्सी हैं और उन्होंने मेरे साथ भी काफी बार चुदाई करवाई है.

उसकी बात सुनकर मैंने कहा- क्या मैडम मेरे साथ भी सेक्स करेंगी?
वो हंस कर बोला- तू अभी नया है इसलिए तेरे ऊपर अभी मैडम की नजर नहीं गई. वरना तेरे जैसे मुर्गे को तो मैडम अब तक कभी का हलाल कर देतीं.

उससे मैं बातचीत में काफी खुल गया था और इसी तरह के बातें हम दोनों अक्सर बात करते रहते थे.

फिर कुछ एक हफ्ते बाद मैडम और मालिक काफी रात को घर आए थे, तो मैंने गेट खोला.

उन्होंने अन्दर प्रवेश किया. मैंने देखा कि मैडम गाड़ी चला रही थीं.

फिर मैडम ने मालिक की तरफ का गेट खोलते हुए मुझे पास आने का इशारा किया.

मैंने साहब को नशे में धुत्त देखा तो समझ गया कि मैडम मुझे किस लिए बुला रही थीं. मैं मैडम के साथ मालिक को पकड़ कर उनके कमरे तक छोड़ने गया, फिर वापस आ गया और गेट बन्द करके अपने कमरे में बैठ गया.

कुछ देर बाद मैडम मेरे पास आईं. मैं उन्हें पास आते देख कर एकदम से खड़ा हो गया.

मैडम मुझसे देखते हुए बोलीं- तुम्हारा नाम क्या है?
मैंने हिचकिचाते हुए अपना नाम बताया- ज..जी मैडम अ..अभिषेक.
मैडम बोलीं- ठीक है . गेट लॉक कर दो . अब कोई नहीं आएगा और तुम अन्दर आ जाओ.

मैं गेट बंद करके घर में अन्दर गया और मैडम के कमरे के बाहर से देखने लगा. उनका कमरा काफी सजाया हुआ था और बेड पर मालिक लेटे हुए थे.

मैडम ने बोला- अभिषेक, तुम कुछ खाओगे?
मैंने गर्दन हिलाकर ना कर दिया.

मैडम मेरे पास आ गईं. मुझे उनके मुँह से शराब की महक आ रही थी. उन्होंने बिना कुछ सोचे मुझे पागलों की तरह किस करना शुरू कर दिया. मैं पहले तो सकपका गया . मगर जब मैडम मुझे एकदम चुदासी सी चूमने लगीं, तो मुझे अपने उस साथी की बात याद आ गई जिसने मुझे बताया था कि मैडम को अलग अलग मर्दों के लंड लेने का शौक था. बस ये याद करते ही मैं भी उन्हें किस करने लगा.

वो मेरे होंठों को चूसते हुए मेरी छाती पर हाथ रख कर सहलाने लगीं. कुछ ही पलों बाद मैडम ने मेरी पेंट की ज़िप खोल दी और अन्दर हाथ डाल दिया. मेरा लंड भी एकदम से खड़ा होने लगा था. मैडम ने मेरा लंड पकड़ लिया, जो उनके हाथ के स्पर्श से कुछ ज्यादा ही तनाव में आने लगा.

मैडम ने अपने हाथ में मेरे बड़े और मोटे लंड का स्पर्श पाया, तो वो लंड को हिलाते हुए नीचे बैठ गईं. फिर मैडम ने पेंट की जिप से लंड बाहर निकाला और मुँह में डाल कर चूसने लगीं.

लंड को मैडम के मुँह की गर्मी मिलनी शुरू हुई तो मुझे भी मज़ा आने लगा. मैं भी मैडम के सिर पर हाथ रख कर दबाने लगा. मैडम कुल्फी की तरह मेरा लौड़ा चूसती रहीं.

थोड़ी ही देर में मेरा लंड नशे में पागल हो गया और उसने पानी छोड़ दिया. मैडम ने पानी का पता ही नहीं चलने दिया . वो पूरा रस पी गईं.

फिर मैडम ने नशीली आंखों से मुझे देखा और मेरा लंड छोड़ कर गांड मटकाते हुए सोफे पर बैठ गईं.

वे अपनी जींस उतार कर मुझे करीब आने का इशारा करते हुए बोलीं- अब इसको चूसो.

मैंने जमीन पर घुटने मोड़ कर उनकी पैंटी को नीचे खींच दिया और चूत को दोनों हाथों की उंगलियों से महसूस करने लगा. मेरे अब तक के जीवन में मेरा ये पहला चूत का स्पर्श था.

मैडम ने टांगें फैलाते हुए कहा- अभी अपनी जीभ से इसे चाटो.

मैंने मुँह को उनकी चूत पर रखा और जीभ से मैडम की चुत चाटने लगा. वो सिसकारियां भरने लगीं. उनकी चूत पहले ही रस छोड़ चुकी थी. इस समय वो बिल्कुल गीली थी. मैं मैडम की चूत चाटता रहा और मैडम मस्त आवाज निकाल कर कामुक सिसकारियां भरती रहीं.

मैडम ने दस मिनट बाद फिर से पानी छोड़ दिया और मेरा सिर अपनी मोटी जांघों में जकड़ लिया. मैं मैडम की चुत का पानी चाटता रहा. पर पूरा नहीं चाट सका.

अब मैडम शांत हो गई थीं और एक मिनट तक मुझे जाँघों में दबाए मुर्गी की तरह दबोचे रहीं. फिर उन्होंने मेरे सर को आजाद किया और अपनी कुर्ती को उठा कर चूची की तरफ इशारा किया.

मैं समझ गया और मैंने मैडम की ब्रा को हाथों से पकड़ लिया. उनकी दोनों चूचियां मेरे हाथों में नहीं आ रही थीं . शायद मैडम की चूचियां 38 या 40 की साइज की रही होंगी.

मैंने मैडम की नाभि पर किस किया, तो मैडम सोफ़ा पर आगे की तरफ झुक गईं और मेरे दोनों कंधों पर अपने हाथ रख दिए. मैंने कमर के पीछे हाथ ले जाकर मैडम की ब्रा का हुक खोल दिया और उनके हाथ में से ब्रा को खींच कर ढीला कर दिया.

अब मैडम ने खुद ही अपनी ब्रा उतार दी. मैंने मैडम के मोटे मोटे चूचे चूसने शुरू कर दिए, तो मैडम मस्त हो गईं और मुझे सहलाने लगीं. मुझे सबसे मस्त अहसास मैडम के चूची चूसने में हुआ.

मैं शायद 15 मिनट या उससे भी ज्यादा मैडम के मोटे मोटे चूचे चूसता रहा. मेरा काफी सारा थूक भी मैडम के चूचियों पर लग गया था.

फिर मैडम अंग्रेजी में कुछ बोलीं . मुझे ज्यादा समझ नहीं आया . पर मैंने उनके बोलने के बाद अपने लौड़ा देखा, तो वो आकार बदल कर तनाव में आ गया था.

मैंने अपने कपड़े उतार दिए और लौड़ा हाथ में पकड़ लिया.

मैडम ने टांगें उठाते हुए बोला- इसे अन्दर डालो.
ये कहते हुए वो सोफे पर सीधी पसर गईं.

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