भाभी की चूत का भोसड़ा बनाया-2

मैं भाभी की चूत में उंगली डालकर चूची मसल रहा था। तभी उनके बेटे की आवाज आई और मेरा खेल बिगड़ गया। उसके बाद मैंने भाभी की चूत चुदाई कैसे की?

कहानी का पिछला भाग: भाभी की चूत का भोसड़ा बनाया-1
अब तक मैं निशा भाभी की चूत में उंगली डाल चुका था और निशा भाभी के बोबों रगड़ने का आंनद भी ले चुका था। मैं निशा भाभी को चोदता उससे पहले ही आर्यन ने रसोई में आकर मेरा पूरा खेल बिगाड़ दिया।

मैंने सोचा कि अगर निशा भाभी ने भैया को सब कुछ बता दिया तो मेरा लन्ड प्यासा ही रह जायेगा. लेकिन अगर भाभी ने भैया को नहीं बताया तो फिर मेरे लन्ड को निशा भाभी की चूत ज़रूर मिलेगी।

अगले दिन मैं आर्यन के स्कूल आने से पहले ही निशा भाभी के घर चला गया। भाभी ने दरवाज़ा खोला। आज भाभी ने ब्लू कलर की मस्त साड़ी पहनी हुई थी।
भाभी ने अंदर आने के लिए कहा।

मैं अंदर आ गया। भाभी चुप थी। भाभी गांड को मटकाती हुई चुपचाप रूम में चली। भाभी की मस्त गान्ड को देखकर मेरा लन्ड तन गया। और मैं भी भाभी के पीछे पीछे रूम में चला गया। मैं समझ गया था कि भाभी ने भैया को कुछ नहीं बताया था। बस अब थोड़ी सी कोशिश करनी है। फिर तो निशा भाभी की चूत मिल ही जायेगी।

मैंने निशा भाभी से माफी मांगी।
भाभी ने कुछ नहीं कहा। भाभी मेरे सामने चुपचाप खड़ी थी।

मैंने हिम्मत करके भाभी को बांहों में भर लिया और निशा भाभी को दीवार के सहारे सटा दिया; कसकर पकड़ लिया। अब मैं भाभी को ज़ोरदार किस करने लग गया।
भाभी मुझे दूर हटाने की कोशिश करने लगी।

मैंने मेरे दोनों हाथ निशा भाभी के बड़े बड़े मस्त बोबों पर रख दिए और दोनों हाथों से बोबों को मसलने लगा। भाभी के बोबे कसे हुए और दूध से भरे हुए थे; मुझे बोबों को मसलने में बहुत मज़ा आ रहा था।

साथ ही मैं लगातार निशा भाभी के होंठों के रस को पी रहा था। निशा भाभी के होंठों को पीने से मुझे जैसे कोई नशा चढ़ने लग गया था।
अब निशा भाभी भी धीरे धीरे शांत हो गई थी और मेरा साथ देने लग गई। भाभी ने भी मेरे होंठों को चूसना शुरु कर दिया। अब हम दोनों ही एक दूसरे के होंठों को पीने ल गए।

मैं थोड़ा सा नीचे आया और भाभी की गर्दन को चूमने चाटने लगा। भाभी अब सिसकारियां लेने लगी; उ ऊऊऊऊ आ ओ ओ करने लगी।

अब मैंने मेरा मुंह भाभी के बड़े बड़े बोबों पर मारना शुरू कर दिया। मैं निशा भाभी के बोबों को ब्लाउज के ऊपर से ही चूसने लगा। निशा भाभी अब मेरे सिर पर हाथ फेरने लगी।

मैंने मुंह से ब्लाउज के हुक खोलने की कोशिश करने लगा। मैं निशा भाभी के बोबों को बुरी तरह से कुरेद रहा था। भाभी भी अब मदमस्त होने लग गई, सिसकारियां भरने लगी।
अब मैंने थोड़ा नीचे सरका और निशा भाभी के सेक्सी पेट को चूसने लगा।

दोस्तो क्या बताऊं आपको . निशा भाभी का पेट एकदम मखमल के जैसा था। मुझे भाभी के पेट को चूसने में बहुत मज़ा आने लगा। मैंने भाभी की नाभि पर आक्रमण किया। अब मैं निशा भाभी की नाभि को चूसने लगा।

निशा भाभी अब सिसकारियां भरने लगी; आ ऊ ओह ऊ ओह करने लगी। मैं भाभी की नाभि को चाट रहा था, भाभी मदहोश हुई जा रही थी।

अब मैं नीचे आ गया; मैंने निशा भाभी की साड़ी ऊपर उठाई और निशा भाभी की एक टांग को मेरी जांघ पर रख लिया। मैं निशा भाभी की टांग को चूसने लगा।
आह! निशा भाभी की गोरी मांसल टांगें!

मुझे नंगी टांग को चूमने चूसने में मज़ा आ रहा था। निशा भाभी लगातार सिसकारियां भर रही थी। अब मैंने निशा भाभी की साड़ी और पेटीकोट को थोड़ा ऊपर उठाया। मैं भाभी की जांघों तक पहुंच गया। भाभी की जांघ एकदम चिकनी और गदरायी हुई थी।

मैं भाभी की जांघ को किस करने लगा। मैंने बहुत देर तक जांघ को चूसा। मैं निशा भाभी के पेटीकोट को और ऊपर उठा कर पेटीकोट के अंदर घुस गया और निशा भाभी की जांघों को चूमने लगा। सच में निशा भाभी की जांघें कमाल की थी।

थोड़ी देर जांघों को चूमने चूसने के बाद अब मैं निशा भाभी की मखमली चूत तक पहुंच गया। भाभी ने नीले रंग की पैंटी पहन रखी थी। निशा भाभी की पैंटी से चूत की शानदार खुशबू आ रही थी। मैं पैंटी के ऊपर से ही चूत को किस करने लगा।

निशा भाभी की पैंटी गीली हो चुकी थी। अब मैंने भाभी की पैंटी को नीचे सरका दिया और निशा भाभी की नंगी चूत मेरे सामने थी. पर भाभी के पेटीकोट के अंदर आने की वजह से ज्यादा कुछ नजर नहीं आ रहा था। पर भाभी की चूत से शानदार खुशबू महक रही थी। चूत की खुशबू मुझे अब पागल कर रही थी।

अब मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा था; मैंने मेरा हाथ निशा भाभी की मखमली चिकनी चूत पर रखा। मैंने देखा निशा भाभी की चूत गीली और चूत पर छोटे छोटे बाल थे। शायद इतने देर तक किस करने के कारण निशा भाभी की चूत ने पानी छोड़ दिया था।

निशा भाभी की चूत फूली हुई और एकदम गर्म थी। मैंने मेरी उंगली चूत के अंदर डाली।
जैसे ही मैंने मेरी उंगली चूत के अंदर डाली तो निशा भाभी की सिसकी निकल गई- आह उह ओह ओ ओ!

अब मैं उंगली को चूत के अंदर बाहर करने लगा। अब मैंने मेरा मुंह भाभी की चूत पर रख दिया और मैं जीभ से चूत चाटने लगा। भाभी की चूत कामरस में भीगी हुई थी। मैं चूत से निकले हुए पानी को पीने लगा। निशा भाभी की चूत के रस का स्वाद नमकीन था।

चूत को चाटने के बाद अब मैंने पैंटी को वापस चूत के ऊपर सरका दिया और मैं भाभी के पेटीकोट से बाहर आ गया। भाभी की टांगों को किस करते हुए होंठों तक जा पहुंचा। अब मैंने भाभी के नरम गुलाबी पंखुड़ियों जैसे होंठों को एक बार फिर मेरे होंठों में जकड़ लिया और जोरदार किस करने लगा। मैंने भाभी के बोबों को एक बार फिर ज़ोर से मसल दिया।

किस करते हुए मेरे हाथ निशा भाभी की गांड पर पहुंच गए। मैं भाभी की गांड को साड़ी के ऊपर से ही मसलने लगा। अब धीरे धीरे मैंने भाभी की गांड दरार में उंगली डालना शुरू कर दिया।
भाभी की गांड बहुत मस्त थी।

अब मैंने निशा को पकड़कर घुमा दिया जिससे निशा भाभी की गांड मेरे सामने आ गयी और चेहरा दीवार की तरफ हो गया। मैं तो भाभी के बड़े बड़े चूतड़ देखकर ही पागल हुए जा रहा था। साड़ी में लिपटी हुई गान्ड बहुत ही मस्त लग रही थी।

अब मैं नीचे से भाभी को सेक्सी टांगों को चूमना चालू कर दिया। धीरे धीरे मैं भाभी की नंगी गांड तक पहुंच गया। अब मैं निशा भाभी की गांड पर किस करने लगा। भाभी के बड़े बड़े कूल्हे गांड भरपूर रस से भरी हुई थी। मुझे गांड पर किस करने में बहुत मज़ा आ रहा था।

गांड पर किस करने के कारण भाभी मदहोश ही रही थी; उनके मुंह से सिसकारियां निकल रही थी।
मैं समझ गया था कि निशा भाभी अब चुदना चाहती है; भाभी की चूत को लंड चाहिए।

अब मैं थोड़ा ऊपर सरका और निशा भाभी की पीठ पर किस करने लगा। निशा भाभी का ब्लाउज ओपन बेक था जिस से भाभी की पीठ खुली हुई थी। भाभी को नंगी पीठ को किस करते हुए मेरे हाथ भाभी के बोबों पर पहुंच गए। मैं बूब्ज़ को मसलने लग गया।

और इधर मेरे लंड महाराज निशा भाभी की गांड पर दबाव बना रहे थे। मेरा लन्ड भाभी की गांड की दरार में सेट हो रहा था। निशा भाभी की गांड, पीठ और बोबों पर एक साथ वार हो रहा था। निशा भाभी होश खो रही थी।

मैं पीठ को किस करने के बाद निशा भाभी की गर्दन और कानों पर किस करने लगा। निशा भाभी गर्दन को इधर उधर करने लगी।

इसी बीच मैंने जोर से निशा भाभी के बोबों को मसल दिया। भाभी की चीख निकल पड़ी। भाभी से कंट्रोल नहीं हो रहा था, भाभी अब जल्दी से जल्दी चूत में लंड लेना चाहती थी।
पर मैं इतनी जल्दी निशा भाभी को लंड नहीं देना चाहता था।

अब मैंने निशा भाभी को पलट दिया और फिर से भाभी के होंठों को पी गया। मैंने निशा भाभी को बांहों में उठाया और बेड पर एक झटके से पटक दिया।

मैंने मेरे सारे कपड़े खोल दिए। अब मैं सिर्फ अंडरवियर में ही था जिसमें से मेरा लन्ड साफ साफ नजर आ रहा था। भाभी की नजर मेरे लंड पर ही थी।

अब मैंने निशा भाभी की साड़ी को थोड़ा ऊपर सरका दिया और निशा भाभी की जांघों को किस करने लगा। निशा भाभी आ आ ऊ ओह ओह आ करती हुई सिसकारियां करने लगी। मैं जांघों को किस करते हुए में चूत तक पहुँच गया।
भाभी की चूत की खुशबू ने मुझे मदहोश कर दिया। मैं पैंटी के उपर से ही चूत को चाटने लगा। भाभी की पैंटी पूरी कामरस में भीगी हुई थी।

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