बहन की ग़लती, मां का राज़-6

बहन से शादी के बाद एक दिन मां ने हम भाई-बहन की चुदाई होते हुए हमें रंगे हाथ पकड़ लिया. मगर मेरी बहन के पास माँ का एक ऐसा राज था जिससे मां का गुस्सा हवा हो गया.

दोस्तो, मैं सोनू कुमार अपनी कहानी का अंतिम भाग आपके लिए लेकर आया हूं. यह कहानी थोड़ी लम्बी हो गयी है क्योंकि कई सालों की घटना को मैं कहानी के रूप में पेश कर रहा हूं. मैं आशा करता हूं कि आप कहानी के हर एक प्वाइंट को समझ रहे होंगे.

अब मैं आपका ज्यादा टाइम न लेते हुए अपनी कहानी का अंतिम भाग आपको बताता हूं. पिछले भाग
बहन की ग़लती, मां का राज़-5
में आपने पढ़ा था कि उस दिन मां और पापा घर पर नहीं थे. पापा को शादी में जाना था और मां मेरे मामा के यहां चली गयी थी.

मगर कुछ देर के बाद ही मां वापस आ गयी और उसने हमें नंगे देख लिया. मां हम दोनों को मारने लगी.
मां बोली- ये क्या रही हो तुम, तुम्हें शर्म नहीं आती है अपने भाई के साथ ये सब करते हुए?

सपना बोली- वही कर रही हूं जो आप करती हो मां. तुम ज्यादा शरीफ बनने की कोशिश न करो.
यह सुन कर पूरे रूम में जैसे सन्नाटा हो गया. मां चुप हो गयी और उसका चेहरा भी उतर गया.

मां बोली- एक तो गलती की है तुमने और अब ऊपर से जबान लड़ा रही है!
सपना बोली- मैंने कुछ गलत नहीं किया है, मैं तो सब कुछ तुमसे ही सीखी हूं.

सपना की बात पर मां ने कहा- क्या सुबूत है तुम्हारे पास, मैंने किसके साथ क्या किया है, बताओ जरा मुझे भी?
सपना- मामा के लड़के राकेश के साथ, और एक नहीं, तुम्हारे तो तीन-तीन आशिक हैं मां.

उस वक्त मां का चेहरा देखने लायक हो गया था. मैं कुछ समझ नहीं पा रहा था कि ये सब क्या हो रहा है. मैं बस सपना दीदी की बातें गौर से सुन रहा था. मां भी शांत हो चुकी थी.
दीदी बोल चुकी थी कि मामा के लड़के राकेश और मौसी के दोनों लड़कों सुनील और अनिल के साथ मां का चक्कर था.

मां बोली- ये तुम क्या बक रही हो सपना, तुम मुझ पर आरोप लगा रही हो?
बहन बोली- तुम्हें सबूत चाहिए तो वो भी है मेरे पास.
फिर सपना उठी और अपने बैग में से एक मेमोरी कार्ड निकाल कर ले आयी. उसने उस कार्ड को मेरे मोबाइल में लगाने के लिए कहा. मैंने अपना कार्ड निकाल कर बहन का कार्ड लगा दिया फोन के अंदर.

जब मैंने उसको ओपन करके देखा तो उसमें 16 वीडियो थे. यह वीडियो मैंने चलाया तो देखा कि मां मेरे मामा के लड़के राकेश के साथ नंगी होकर चुदाई करवा रही थी. राकेश मुझसे भी एक साल छोटा था उम्र में और वो अपनी बुआ की चुदाई पूरे जोश में कर रहा था.

मैंने फिर दूसरा तीसरा वीडियो चलाया तो उसमें अनिल, मेरी मौसी का लड़का, वह भी मेरी मां की चुदाई कर रहा था. मां उसके साथ भी उछल उछल कर मजे ले रही थी.

ये सब देख कर मां का चेहरा भी पीला पड़ गया था. ऐसा लग रहा था जैसे उनको बिजली का झटका दे दिया गया हो. मुझे भी यकीन नहीं हो रहा था कि मेरी पीठ के पीछे मेरे ही घर में इतना कुछ हो रहा है. मेरी नजरों के नीचे इतने सारे कांड चल रहे हैं.

फिर बहन बोली- तुम क्या बताओगी मां, इससे पहले तो मैं ही पापा को ये वीडियो दिखा दूंगी.
इतने में सपना ने मुझे इशारा कर दिया. मैं भी उसका इशारा समझ गया. मैं मां के पास गया और उसकी चूची को छेड़ने लगा.

मां बोली- ये क्या कर रहा है नालायक?
मैंने कहा- जब घर में जवान लड़का है तो तुम बाहर वाले बेटों के साथ ऐसे चुदवाती क्यों फिर रही हो, अगर तुम्हारा बेटा तुम्हारी प्यास को शांत न करे तो फिर तुम दूसरों के पास जा सकती हो. मगर अभी तो मैं हूं मां तुम्हारे लिये.

दरअसल मैं भी इस मौके का फायदा उठाना चाह रहा था. मां की चुदाई का वीडियो देख कर मैं भी जोश में आ गया था. बहन की चूत चोदने का मजा तो मैं ले चुका था. अब मां की चूत को चोदने का मजा भी लेने का मन कर रहा था.

तभी सपना बोली- भैया में बहुत एनर्जी है मां, ये घर को बचा लेगा. घर की इज्जत को बाहर नहीं जाने देगा. एक बार सोनू का लंड तुमने अपनी चूत में ले लिया तो तुम राकेश, अनिल और सुनील के लंड भूल ही जाओगी.

मां बोली- ये गलत है, मैं अपने बेटे के साथ कैसे करवा सकती हूं?
सपना बोली- राकेश, अनिल और सुनील भी तुम्हारे बेटे के जैसे ही हैं. जब उनसे करवा सकती हो तो मेरे भाई और अपने सगे बेटे का लंड लेने में क्या परेशानी है?

फिर मां ने कहा- नहीं, समाज इसको नहीं मानता है, ये पाप है.
मैंने कहा- हम इसी सामाजिक बंधन को तोड़ कर एक नया इतिहास रच रहे हैं.
इतना कह कर मैंने मां की साड़ी खोलना शुरू कर दिया. सपना भी मेरी मदद करने लगी.

मां अब ब्लाउज और पेटीकोट में रह गयी थी. सब कुछ इतनी जल्दी हो रहा था कि मां को कुछ समझ में नहीं आ रहा था. इधर मैं मां की चूचियों को ऊपर से ही रगड़ रहा था और मां से कह रहा था कि इन्हीं चूचियों को पीकर मैं जवान हुआ हूं. आज यही चूची मुझे नौजवान होने का अहसास दिला रही हैं. मेरा लंड भी तुम्हारी चूत में जाने के लिए बेताब है.

ये सब कहते कहते मैंने अपने सारे कपड़े भी उतार दिये थे. मां की चूची मेरी बहन की चूची की तरह थी. मां की चूत के बाल भी साफ नहीं थे लेकिन ज्यादा बड़े भी नहीं थे.

अब मैंने मां को बेड पर लिटा दिया. मां कुछ नहीं कर पा रही थी. इसी मौके का मैं फायदा उठा रहा था और मैंने मां की चूत में मुंह लगा दिया. उसकी चूत में मुंह लगा कर मैं उसकी चूत के रस का पान करने लगा. मेरी बहन भी एक बार फिर से बच्ची बन गयी थी और मां के बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगी.

अब मेरा लंड मां की चूत चोदने के लिए पूरा तैयार हो गया था. मां ने अपने पैर मोड़ रखे थे. फिर सपना ने उसके पैरों को फैला दिया और मुझसे सपना बोली- डालो मेरे शेर, आज मां पर चढ़ाई करने का दिन है.

मां ने एक बार मेरी आंखों में देखा और फिर अपने हाथ से अपनी आँखों को ढक लिया. मैंने मां की टांगों को पकड़ लिया उसकी चूत में लंड लगा कर मैंने एक धक्का अंदर की ओर दे दिया जिससे मेरा लंड मां की चूत में जा घुसा.

लंड अंदर जाते ही मां के मुंह से हल्की सी आवाज निकली. मां की चूत ज्यादा टाइट नहीं थी क्योंकि वो मेरे मामा के लड़के और मौसी के लड़कों से भी चुदवाती थी. मगर मां की चूत को चोदने में मजा आ रहा था. मैं मां की चुदाई करने लगा.

मेरा लंड उसकी चूत में जाकर ऐसा टाइट हुआ कि इससे पहले कभी नहीं हुआ करता था. ऐसा लग रहा था कि आज मेरा वीर्य भी इतनी आसानी से नहीं निकलेगा.

मैंने मॉम की चूत चोदना शुरू कर दिया और जल्दी ही मां भी अपने बेटे के लंड से चुदने का मजा लेने लगी. मैं भी मस्ती में उसकी चूत को पेलने लगा. सपना मां की चूचियों को पीने में लगी हुई थी. थोड़ी ही देर में मां बहुत ज्यादा चुदासी हो गयी और दस मिनट की चुदाई के बाद मां की चूत ने पानी छोड़ दिया.

मेरे लंड के धक्के अभी भी उसकी चूत में जारी थे. कभी मैं उसको उल्टा करके और कभी सीधी करके उसकी चूत मारने में लगा हुआ था. मैंने अपना हर अनुभव मां की चूत चोदने में लगा दिया था.

बहन ने भी जो मुझे सिखाया था वो भी मैंने सब मां पर लागू कर दिया.
वो बोली- सारा ज्ञान आज ही आजमा लोगे क्या, मैंने जो कुछ सिखाया है वो सब आज ही कर लोगे?
मैंने कहा- जब गुरू इतना अनुभवी है तो चेला उससे भी आगे होगा.

Pages: 1 2